रिपोर्ट:News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद- सैय्यद अम्बेडकरनगर | टांडा। नगर के मोहल्ला मीरानपुर स्थित राजा मोहम्मद रज़ा मस्जिद में नमाज़-ए-मग़रिब के बाद
मरहूम शहंशाह हसन इब्ने नईमुल हसन एवं मरहूम ज़हूर मेहदी इब्ने शहंशाह हसन के इसाले सवाब के लिए एक मजलिस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के मोमिनीन ने उपस्थित होकर मरहूमीन के लिए दुआ-ए-मग़फिरत की। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद गुलाम मुर्तुज़ा (चुन्नू) ने अहलेबैत की शिक्षाओं, इंसानियत, सदाचार और

मरहूमीन के लिए दुआ की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मजलिसें समाज में धार्मिक जागरूकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करती हैं।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विद्युत विभाग में कार्यरत टीजी-2 सैय्यद वकार मेंहदी ने बताया कि उनके वालिद मरहूम शहंशाह हसन एवं भाई मरहूम ज़हूर मेहदी की याद में यह वार्षिक मजलिस प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है।
उन्होंने कहा कि वे जहां भी सेवा में तैनात रहते हैं, वहां से समय निकालकर अपने वालिद और भाई की बरसी पर मजलिस का आयोजन कर उनकी याद को ज़िंदा रखने का प्रयास करते हैं।
मजलिस के समापन के बाद उपस्थित मोमिनीन के लिए नज़र-ए-मौला एवं तबर्रुक (भोजन) की व्यवस्था भी की गई, जिसमें सभी ने सहभागिता की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मौलाना सैय्यद महताब हुसैन बलरामपुरी, मुतवल्ली राजा सैय्यद काज़िम रज़ा, सैय्यद शफी हसन, सैय्यद दानिश मेहदी, सैय्यद सईद हसन एडवोकेट,
साजिद हुसैन, मुन्ना टेलर, सैय्यद हसन, सैय्यद वजीहुल हसन एडवोकेट, सैय्यद अबुज़र, सैय्यद साकिर हसन (नम्मू), सैय्यद आबिद हसन, महशर, सैय्यद रेहान आब्दी, इसरार हुसैन, सहित बड़ी संख्या में मोमिनीन-ए-इकराम उपस्थित रहे।
मजलिस का समापन मरहूमीन की मग़फिरत, कौम की तरक्की तथा मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआ के साथ हुआ।




