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अम्बेडकरनगर टांडा: शरीफ मंजिल में आयोजित हुई आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के इसाल-ए-सवाब की मजलिस, मौलाना सैय्यद आसिफ हसन ने कर्बला के संदेश पर प्रकाश डाला!

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रिपोर्ट:News10plusएडिटर।                अम्बेडकरनगर|टांडा। नगर के शरीफ मंजिल में ईरान के सुप्रीम लीडर एवं मुस्लिम जगत के रहबर आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के इसाल-ए-सवाब की मजलिस की एक मजलिस का आयोजन किया गया।मजलिस कार्यक्रम में मोमिनीन ने शिरकत कर शहीद के लिए दुआएं कीं और श्रद्धांजलि अर्पित की।मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैय्यद आसिफ हसन ने वाक़या-ए-कर्बला का विस्तार से बयान किया।

उन्होंने कहा कि कर्बला इंसानियत, सब्र, हक़ और जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े होने का सबसे बड़ा पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.) ने अपने 72 साथियों के साथ अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर पूरी दुनिया को यह संदेश दिया —

कि हक़ और इंसाफ़ के लिए हर कुर्बानी छोटी है।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने भी हमेशा जुल्म और अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि शहादत इस्लामी इतिहास की महान विरासत है और शहीद अपने अमल और विचारों के माध्यम से हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहते हैं।

मजलिस के दौरान कर्बला की शहादत और अहलेबैत की कुर्बानियों का मार्मिक बयान किया गया, जिसे सुनकर मौजूद मोमिनीन की आंखें नम हो गईं।

कार्यक्रम के समापन पर अंजुमन हुसैनिया मीरानापुरा (रजि.) एवं अंजुमन सिपाहे हुसैनी, हयातगंज के सदस्यों ने संयुक्त रूप से नौहा-ख्वानी और मातम किया।
इसके बाद नज़र-ए-मौला के तहत उपस्थित मोमिनीन के लिए दस्तरखान का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंजुमन हुसैनिया मीरानापुरा, अंजुमन सिपाहे हुसैनी हयातगंज, शरीफ मंजिल के समस्त सदस्यगण तथा नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए मोमिनीन शामिल हुए।

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