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देशभर से पहुंचे फुकराओं ने दर्ज कराई ‘दाखौल’ की हाजिरी, सज्जादानशीन ने सुनी समस्याएं और जिला प्रशासन व उर्स इंतजामिया का जताया आभार।
रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद(सैय्यद) अम्बेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत सैय्यद मखदूम अशरफ जहाँगीर सिमनानी के 640वें सालाना उर्स का अंतिम एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम —
आज 16 जुलाई 2026 उर्दू कैलेंडर के अनुसार 30 मोहर्रम को ‘दाखौल’ का प्रोग्राम दरगाह परिसर स्थित सहन-ए-आस्ताना में पूरी अकीदत, अमन और अनुशासन के साथ सकुशल सम्पन्न हो गया।
इस बीच दरगाह मुतवल्ली एवं सज्जादानशीन सैय्यद मोहीउद्दीन अशरफ के स्वागत में फुकराओं की टोली ने या मखदूम अशरफ के नारे लगाए वहीं नारों से गूंज उठा पूरा दरगाह परिसर साथ ही फुकराओं, की टीम ने पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए और नारे हैदरी एवं पंजतनी नारे लगाए
जहां हम आपको बता दें कार्यक्रम की अध्यक्षता दरगाह के मुतवल्ली एवं सज्जादानशीन सैय्यद मोहीउद्दीन अशरफ ने की। उन्होंने फुकराओं की टीम के साथ विशेष दुआ कर देश-दुनिया से आए जायरीन की सलामती, खुशहाली, दिली मुरादों की कबूलियत तथा —
उनकी तमाम परेशानियों के समाधान की दुआ मांगी। साथ ही हज़रत सैय्यद मखदूम अशरफ जहाँगीर सिमनानी के सदके अल्लाह से उनकी हाजतें पूरी होने की इल्तिजा की।
सज्जादानशीन ने बताया कि ‘दाखौल’ परंपरा के अनुसार दूर-दराज़ और देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले फुकरा, मलंग और — जायरीन इस कार्यक्रम में अपनी आध्यात्मिक उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
इसके बाद ही वे अपने-अपने घरों और वतन के लिए रवाना होते हैं। उन्होंने बताया कि दरगाह में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी आते हैं, जो विभिन्न प्रकार की मानसिक, आध्यात्मिक और रुहानी परेशानियों से निजात की —
दुआ लेकर कई दिनों, महीनों अथवा वर्षों तक यहां ठहरते हैं। दाखौल कार्यक्रम उनके लिए भी विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के दौरान सज्जादानशीन ने फुकराओं की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा —
परंपरा के अनुसार उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इंसान को अपने गुनाहों से तौबा कर नेक रास्ते पर चलना चाहिए और अच्छे आचरण के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए।
इस अवसर पर मलंगों के सज्जादानशीन मलंम आलम शाह के नेतृत्व में देशभर से आई फुकराओं की टोलियां भी शामिल हुईं। उन्होंने अपनी समस्याएं और आध्यात्मिक विषय सज्जादानशीन के समक्ष रखे, जिन पर उन्होंने अपने विवेकानुसार मार्गदर्शन और समाधान का आश्वासन दिया।
सज्जादानशीन सैय्यद मोहीउद्दीन अशरफ ने कहा कि यदि उर्स के दौरान किसी भी जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा हुई हो उनके लिए उन्होंने हज़रत मखदूम अशरफ की बारगाह में विशेष दुआ की है कि सभी श्रद्धालु अपने घर सकुशल पहुंचें और उनकी तमाम जायज़ मुरादें पूरी हों।
उन्होंने उर्स को सफल बनाने में सहयोग देने वाले उर्स इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद अज़ीज़ अशरफ, सैय्यद फैजान अशरफ (चाँद मियां), सैय्यद खालिक अशरफ, सैय्यद सेराज अशरफ (गुड्डू) सहित सभी पदाधिकारियों, एवं स्वयंसेवकों और वालंटियरों का आभार व्यक्त किया।
सज्जादानशीन ने कहा कि इस वर्ष का उर्स अत्यंत शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफल रहा। उन्होंने जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन
एवं पुलिस प्रशासन का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन ने अपेक्षा से बढ़कर सहयोग किया, जिसके कारण सभी धार्मिक कार्यक्रम सकुशल और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुए।




