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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, तम्बाकू छोड़ने का दिया गया संदेश

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रिपोर्ट:News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद -सैय्यद| म्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जारी प्लान ऑफ एक्शन 2026-27 के अनुपालन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर  चन्द्रोदय कुमार के निर्देशन में शुक्रवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें सचिव (पूर्णकालिक) श्रीमती नीलम वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. पी.एन. यादव,

जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक डाॅ. सर्वेश कुमार गुप्ता, नामिका अधिवक्ता राम चन्द्र वर्मा, एलएडीसीएस के असिस्टेंट शरद पाण्डेय, पराविधिक स्वयंसेवकों, अस्पताल कर्मियों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने सहभागिता की।

तम्बाकू स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

शिविर को संबोधित करते हुए सचिव श्रीमती नीलम वर्मा ने कहा कि तम्बाकू का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) द्वारा लोगों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और स्वास्थ्य जटिलताओं के प्रति सचेत करना है, ताकि समाज को तम्बाकू मुक्त बनाया जा सके।

हर वर्ष लाखों लोगों की जान ले रहा तम्बाकू

जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के समन्वयक डाॅ. सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि तम्बाकू सेवन कैंसर सहित अनेक असाध्य बीमारियों का प्रमुख कारण है। विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोगों की मृत्यु तम्बाकू उत्पादों के सेवन के कारण होती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की थीम “Unmasking the Appeal: Countering Nicotine and Tobacco Products” निर्धारित की गई है, जिसका हिन्दी संदेश है— “आकर्षण का पर्दाफाश : निकोटीन और तम्बाकू की लत का मुकाबला”।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तम्बाकू उद्योग की आकर्षक मार्केटिंग, भ्रामक प्रचार और निकोटीन आधारित उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।

डाॅ. गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में तम्बाकू मुक्ति केन्द्र स्थापित किया गया है तथा जनपद के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर काउंसलरों की नियुक्ति की गई है, जहां इच्छुक व्यक्ति निःशुल्क परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

कोटपा अधिनियम की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में नामिका अधिवक्ता श्री राम चन्द्र वर्मा ने सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय एवं वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 (COTPA) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि – सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है।

तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक है। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तम्बाकू उत्पाद बेचना अपराध है।शैक्षणिक संस्थानों से 100 गज की परिधि में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।

सभी तम्बाकू उत्पादों पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी अंकित होना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान निषेध नियम-2008 का पालन करना आवश्यक है। 1 जून से शुरू होगा विधि छात्रों का ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम

कार्यक्रम के समापन पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नीलम वर्मा ने जानकारी दी कि 01 जून 2026 से जनपद न्यायालय, अम्बेडकरनगर में

विधि छात्रों हेतु ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया एवं विधिक सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

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