टांडा, अम्बेडकरनगर। मोहर्रम का पर्व पूरी दुनिया में अत्यंत श्रद्धा, अकीदत और ग़म-ए-हुसैन के साथ मनाया जाता है। इन दिनों चारों ओर “या हुसैन” की सदाएं गूंज रही हैं तथा मजलिसों, मातम और जुलूसों का सिलसिला जारी है।
ग़म-ए-हुसैन में अकीदतमंद बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और सबील, नज़र-नियाज़ एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
इसी क्रम में टांडा नगर के मोहल्ला मीरानपुरा स्थित राजा मोहम्मद रज़ा के वंशज एवं मुतवल्ली राजा सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी नजमी (भाई) के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नगर के विभिन्न इमाम चौकों के ताज़ियादारों को सबील-ए-सकीना के लिए चीनी वितरित की जाती है।

मुतवल्ली राजा सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी नजमी (भाई) ने नगर के सभी इमाम चौकों के ताज़ियादारों से अपील की है कि वे अपने-अपने इमाम चौकों पर सबील के आयोजन हेतु निर्धारित समय के भीतर चीनी प्राप्त कर लें।

मोहर्रम के अवसर पर यह सेवा वर्षों से चली आ रही धार्मिक एवं सामाजिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आपसी भाईचारे, इंसानियत और इमाम हुसैन की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती है।





