राजा मोहम्मद रज़ा कोट से निकला अलम व ताबूत के साथ दूसरी मोहर्रम का जुलूस, जुलूस अपने परम्परागत मार्गों से होता हुआ रौजा़ कब्रिस्तान पहुंचा, जबकि उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद मोहर्रम जुलूस के दौरान बाधित रही विद्युत आपूर्ति!

जुलूस में अलम और ताबूत की शबीह शामिल रही। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी, जबकि जुलूस के दौरान लगभग एक घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।
जुलूस राजा मोहम्मद रज़ा कोट, मीरानपुरा से बरामद होकर अपने परम्परागत मार्गों से होता हुआ ज़ुबैर चौराहा, शरीफ मंजिल, चौक घंटाघर और हयातगंज, और रौज़ा कब्रिस्तान पहुंचा।

जुलूस के दौरान टांडा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में टांडा कोतवाली के पुलिस बल, और महिला उपनिरीक्षकों एवं अन्य समस्त अधिकारियों की तैनाती रही। पुलिस प्रशासन ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी और हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न हुआ।

इंसानियत, न्याय और सत्य की रक्षा के लिए अपने परिवार एवं साथियों सहित शहादत दी थी। इसी बलिदान की याद में दुनिया भर में मोहर्रम के दौरान मजलिस, मातम और जुलूस आयोजित किए जाते हैं।

हालांकि मोहर्रम से पूर्व आयोजित पीस कमेटी की बैठक में नगर में साफ-सफाई, जल आपूर्ति सुरक्षा, एवं सड़क मरम्मत के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा हुई थी।
दूसरी तरफ मोहर्रम पर्व के दौरान उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन की ओर से मोहर्रम पर्व पर एवं जुलूस के अवसर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए थे।

बहरहाल चर्चा है कि लगभग दो घंटे तक नगर के कई हिस्सों में बिजली गुल रही और दूसरी मोहर्रम का जुलूस अंधेरे के बीच अपने निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़ता रहा। जुलूस के अंतिम पड़ाव पर जब जुलूस रौज़ा-कब्रिस्तान पहुंचा जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

तथा आवश्यक तकनीकी कार्य के कारण कटौती की गई होगी सिर्फ उन्हें इतनी ही जानकारी प्राप्त हुई है साथ उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बिजली विभाग के कर्मचारियों के हाथ में
आपूर्ति बहाल करने का अधिकार नहीं था वे निर्देशों का पालन करते हुए अपनी ड्यूटी निभा रहे है बाकी बिजली कटौती या आपूर्ति उस वक्त उनके हाथ में नही थी जबकि लोग बार बार विभाग की टीम से ही जानकारी ले रहे थे।
हालांकि बिजली कटौती के बावजूद पुलिस प्रशासन की सतर्कता और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दूसरी मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल सम्पन्न हुआ जिसके बाद पुलिस प्रशासन वहां से वापस गया।




