महाराष्ट्र के चर्चित पवन राजे निंबालकर हत्याकांड के बाद अब जलालपुर के वर्ष 1989 के हत्या के प्रयास मामले में भी अदालत से मिली बड़ी राहत।
रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद(सैय्यद) अम्बेडकरनगर। करीब 37 वर्ष पुराने जलालपुर के बहुचर्चित ‘हाफ मर्डर’ (हत्या के प्रयास) मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए कैलाश यादव,

यह मामला वर्ष 1989 में जलालपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 48/89 से संबंधित था। अभियोजन पक्ष ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147,
148, 149 एवं 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लगभग चार दशकों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपितों को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने प्रभावी पैरवी की। अदालत ने समस्त साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद तीनों अभियुक्तों को बरी करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में कैलाश यादव को महाराष्ट्र के वर्ष 2006 के चर्चित पवन राजे निंबालकर हत्याकांड में भी अदालत से राहत मिली थी। अब जलालपुर के इस 37 वर्ष पुराने चर्चित मामले में भी बरी होने के बाद इसे उनकी दूसरी बड़ी कानूनी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
कैलाश यादव के पुत्र एवं समाजसेवी शरद यादव क्षेत्र में अपने सामाजिक कार्यों के लिए विशेष पहचान रखते हैं। वे प्रतिवर्ष सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कराते हैं।
साथ ही अपनी दिवंगत पत्नी स्वर्गीय श्रद्धा यादव की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 51 महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
अदालत के फैसले के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। 37 वर्षों तक चले इस बहुचर्चित मुकदमे के पटाक्षेप के साथ ही यह फैसला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
37 वर्ष पुराने जलालपुर के चर्चित हाफ मर्डर केस का फैसला। कैलाश यादव, अम्बिका प्रसाद और हीरालाल बाइज्जत बरी। वर्ष 1989 में दर्ज हुआ था मुकदमा अपराध संख्या 48/89।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने की प्रभावी पैरवी। अदालत के फैसले के बाद समर्थकों में खुशी की लहर।”37 साल बाद आया फैसला: जलालपुर के चर्चित हाफ मर्डर केस में कैलाश यादव समेत तीनों आरोपी बाइज्जत बरी”




