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ओटीपी सत्यापन बना चुनौती, फिर भी स्वच्छता मिशन में जुटे पालिका कर्मचारी!

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सत्यापन की चुनौती, स्वच्छता से नहीं समझौता, ओटीपी रुका, टांडा नहीं रुका: स्वच्छता मिशन जारी,

अड़चनें हजार, इरादा एक: स्वच्छ टांडा कचरा प्रबंधन से ही बनेगा स्वच्छ टांडा ओटीपी से जूझते, स्वच्छता से जुड़ते कर्मचारी टांडा पालिका की अपील: कचरा अलग, शहर सफल!

रिपोर्ट: News10plus|                        अम्बेडकरनगर|टांडा नगर पालिका परिषद टांडा द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।“मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी” संदेश के साथ नगर पालिका की टीम घर-घर जाकर लोगों को कचरा पृथक्करण और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है।

पालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर निर्धारित डस्टबिन में ही डालें,

ताकि कूड़े का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण किया जा सके। अभियान के तहत लोगों को सड़क पर कूड़ा न फेंकने, कचरा न जलाने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

नगर पालिका द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार- हरा डस्टबिन : गीला कचरा जैसे फल-सब्जियों के छिलके एवं भोजन अवशेष। नीला डस्टबिन : सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, बोतलें आदि।

लाल डस्टबिन : घरेलू हानिकारक कचरा जैसे मेडिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री। काला डस्टबिन : सैनिटरी कचरा।इसी अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद टांडा ने नगर क्षेत्र में

दर्जनभर से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को तैनात किया है। प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन लगभग 50 लोगों से संपर्क कर स्वच्छ भारत मिशन (Urban) से जुड़ी

आधिकारिक प्रक्रिया के तहत जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारियों द्वारा लोगों से मोबाइल नंबर लेकर उनसे स्वच्छता संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं,

तथा पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के बाद संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को सत्यापन हेतु भरना होता है। हालांकि, वर्तमान समय में लगातार चल रही साइबर जागरूकता के कारण लोग ओटीपी साझा करने में संकोच कर रहे हैं,

जिससे कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था शहर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ बीमारियों की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।

पालिका प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “स्वच्छ टांडा, सुंदर टांडा” का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन करेगा।

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