रिपोर्ट:News10plus| अम्बेडकरनगर। जनपद के थाना इब्राहिमपुर क्षेत्र के ग्राम उतरेथू निवासी एक व्यक्ति ने डायल-112 पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

घरेलू विवाद के दौरान उनकी पत्नी द्वारा डायल-112 पर सूचना दी गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिना पूरी स्थिति की जानकारी लिए उनके तथा उनके छोटे भाई के साथ अभद्र व्यवहार किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने दोनों भाइयों को गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, गला दबाया तथा जबरन वाहन में बैठाकर थाना इब्राहिमपुर ले गए। इसके बाद दोनों का उपजिलाधिकारी न्यायालय में चालान कर दिया गया।

मारपीट के दौरान उन्हें चोटें आईं तथा उनके बाल भी खींचे गए। उन्होंने दावा किया है कि घटना का वीडियो उनके पास उपलब्ध है, जिसे वह जांच के दौरान प्रस्तुत कर सकते हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
गुदुन पुत्र बाढ़ू का कहना है कि उन्होंने इस प्रकरण की शिकायत पुलिस अधीक्षक अम्बेडकरनगर के साथ-साथ सत्ता पक्ष के स्थानीय विधायक एवं जिला अध्यक्ष से भी की थी।
उनका आरोप है कि शिकायत के बाद डायल-112 पर तैनात दो पुलिसकर्मियों में से केवल एक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे हटाया गया, जबकि दूसरे पुलिसकर्मी पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़ित का कहना है कि यदि ऐसे पुलिसकर्मी जनपद में तैनात रहेंगे तो भविष्य में भी आम नागरिकों के साथ इसी प्रकार की घटनाएं होने की आशंका बनी रहेगी। उनका आरोप है कि ऐसे कर्मियों के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने के बजाय उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित दूसरे पुलिसकर्मी के विरुद्ध भी कठोर विभागीय एवं
कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका मानना है कि कानून व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
प्रमुख बिंदु
डायल-112 पुलिस पर मारपीट का आरोप, घरेलू विवाद की सूचना पर पहुंची थी पुलिस, पीड़ित ने वीडियो साक्ष्य होने का किया दावा, एसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग, पुलिस पक्ष का बयान आना शेष!




