रिपोर्ट News10plus Editor Mohd Rashid – Syed| अम्बेडकरनगर |16 अप्रैल 2026 आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम तथा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आत्महत्या से जुड़े जोखिम कारकों और पूर्व संकेतों के बारे में आवश्यक जानकारी देना था।
विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बी.एन.के.वी. पीजी कॉलेज, अम्बेडकरनगर के छात्र-छात्राएं एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यूजीसी द्वारा गठित मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग कमेटी का
उद्देश्य विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में काउंसलर की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर परामर्श मिल सके।
अवसाद, एंजाइटी और नशे के दुष्प्रभाव पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
डॉ. सुधांशु ने अवसाद (डिप्रेशन) विषय पर अपने विचार व्यक्त किए तथा मानसिक बीमारियों से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों का खंडन किया।
डॉ. पारुल यादव ने एंजाइटी डिसऑर्डर एवं नशे से उत्पन्न मानसिक समस्याओं के कारणों और उनके प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी।
विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने आत्महत्या से जुड़े जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों और उनके प्रभावी प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. संदीप शर्मा तथा बी.एन.के.वी. पीजी कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. विनय कुमार (मनोविज्ञान)
अचल कुमार (भूगोल), श्री दिनेश कुमार (समाज शास्त्र), श्री हरिकेश (हिंदी) सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेडिकल कॉलेज शिक्षक संघ का विशेष सहयोग रहा तथा संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
विद्यार्थियों को किया गया प्रेरित
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, तनाव की स्थिति में खुलकर संवाद करने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।




