34 बाढ़ प्रभावित गांव चिन्हित, 14 बाढ़ चौकियां, 13 राहत शिविर और 40 नावें तैयार!
आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा, सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश!
रिपोर्ट:News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद- सैय्यद| अम्बेडकरनगर | 03 जून 2026। आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने मंगलवार को
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जनपद की बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रंजीत सिंह एवं प्रशिक्षु आईएएस थनीगईयरसन टी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में घाघरा (सरयू) एवं तमसा नदियों के साथ-साथ टांडा क्षेत्र के थिरुआ नाले से बाढ़ की आशंका बनी रहती है। जनपद की टांडा एवं आलापुर तहसीलों के कुल 34 गांवों को बाढ़ प्रभावित श्रेणी में चिन्हित किया गया है।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। जनपद में 14 बाढ़ चौकियां एवं शरणालय, 13 राहत एवं पशु राहत शिविर, 40 नावें, 90 नाविक तथा 31 प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहे तथा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़े सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ अपनी तैयारियां समय से पूर्ण करें।
उन्होंने सभी नाविकों का विवरण जनपद स्तर पर संधारित करने तथा एफडीआरएफ के माध्यम से आगामी 20 जून तक उनका प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही चिन्हित नावों की आवश्यक मरम्मत तत्काल कराने को कहा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रमुख स्नान घाटों पर बांस की डबल लेयर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण शीघ्र पूरा कराने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05271-244250, 05271-244550 तथा आपदा हेल्पलाइन 1077 सक्रिय हैं।
जिलाधिकारी ने जल निगम, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, नगर निकाय, सिंचाई, लोक निर्माण, शिक्षा, पूर्ति एवं पंचायती राज विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां, पशुचारा एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पूर्व से ही सुनिश्चित किया जाए।
नगर निकायों को नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा जलभराव की स्थिति में पम्पिंग सेट के माध्यम से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वहीं लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों की मरम्मत, वैकल्पिक मार्गों के चिन्हांकन तथा निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, संक्रामक रोगों की रोकथाम, टीकाकरण अभियान तथा मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं बच्चों की विशेष सुरक्षा एवं देखभाल के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा गया।
पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, दवाइयों एवं चिकित्सीय सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त बाढ़ की स्थिति में सरकारी एवं निजी नावों के उपयोग, नाविकों एवं गोताखोरों की अद्यतन सूची तथा कटान प्रभावित क्षेत्रों में बोल्डर, जियोट्यूब, वायरक्रेट एवं अन्य सुरक्षा सामग्री उपलब्ध रखने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ एवं मानसून से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सभी विभाग जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समन्वित प्रयासों के साथ राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाएं।
मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: डीएम ने बाढ़ तैयारियों की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश
बाढ़ से निपटने को तैयार अम्बेडकरनगर: 14 चौकियां, 13 राहत शिविर और 40 नावें तैनात!
आपदा प्रबंधन पर डीएम सख्त, सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश!
घाघरा-तमसा के खतरे को देखते हुए प्रशासन सतर्क, राहत एवं बचाव की व्यापक तैयारी!
बाढ़ एवं मानसून चुनौती से निपटने को प्रशासन पूरी तरह तैयार: जिलाधिकारी ईशा प्रिया!




