रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद-सैय्यद| टांडा, अंबेडकरनगर। क्षेत्र की बेटियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एनटीपीसी टांडा द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व
(सीएसआर) के तहत आयोजित एक माह की नि:शुल्क आवासीय बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला का समापन समारोह शनिवार, 13 जून 2026 को सरगम सभागार में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ एनटीपीसी टांडा के कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा एवं गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती संघमित्रा परिदा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) एस.सी. सिंह, परियोजना के वरिष्ठ अधिकारीगण, गरिमा महिला मंडल की सदस्याएं, प्रतिभागी बालिकाएं, उनके अभिभावक, प्रधानाचार्य, शिक्षक तथा ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यशाला में चयनित 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एक माह तक आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान उन्हें शैक्षिक विकास, कला एवं संस्कृति, योग,
आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास तथा जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही सुरक्षित एवं स्वच्छ आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा मनोरंजन की समुचित व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई।
समापन समारोह के दौरान बालिकाओं ने समूह नृत्य, पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रेरक नाटक, आत्मरक्षा प्रदर्शन तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और
आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने बालिकाओं की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इस पहल को अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने कहा कि एनटीपीसी का उद्देश्य केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी सक्रिय योगदान देना है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला क्षेत्र की बेटियों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने तथा उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) रजनीश कुमार खेतान ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अनुराग सिन्हा तथा सीएसआर अधिकारी श्रीमती निष्ठा सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
एनटीपीसी टांडा की यह पहल न केवल बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को नई दिशा प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में महिला सशक्तीकरण और बेटी शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी प्रसारित कर रही है।




