रिपोर्ट:News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद -सैय्यद| टांडा अम्बेडकरनगर। राजकीय महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, टांडा में पैथोलॉजी विभाग द्वारा ‘पेशेंट सेंट्रिक इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सर्विसेज’
विषय पर एक दिवसीय कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन सीएमई कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) मुकेश यादव के कुशल दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।
कारकाकार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
उद्घाटन एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. मुकेश यादव ने किया। उन्होंने ‘डायग्नोस्टिक प्रैक्टिस में मेडिकोलीगल जिम्मेदारियां एवं एथिक्स’ पर विस्तार से प्रकाश डाला और चिकित्सकों को रोगी-केंद्रित निदान के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण व्याख्यान सीएमई में प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक निदान पद्धतियों पर व्याख्यान दिए। एसजीपीजीआई लखनऊ से प्रो. डॉ. राम नवल राव, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर
से प्रो. डॉ. शैला मित्रा, कानपुर से डॉ. सोनल, कन्नौज से डॉ. अनिता तथा बस्ती से डॉ. कमलेश कुमार ने डिजिटल हेल्थ, फ्लो साइटोमेट्री और सटीक पैथोलॉजी रिपोर्टिंग जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
आयोजन में विभागीय योगदान पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. राजेश गौतम के नेतृत्व में यह कार्यक्रम सफल रहा। डॉ. शैलजा मौर्य, डॉ. अमोद कुमार सरोज, डॉ. राजेश्वरी जयरामन, डॉ. आशीष कनौजिया और डॉ. मनोज गुप्ता ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का प्रभावी संचालन किया।
सीबीएसई का उद्देश्य इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स एवं छात्रों को डायग्नोस्टिक अप्रोच में आ रहे आधुनिक बदलावों और नई तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि मरीजों को सटीक एवं त्वरित निदान सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. राजेश गौतम ने सभी आमंत्रित विशेषज्ञों, फैकल्टी मेंबर्स, पीजी रेजिडेंट्स, स्नातक छात्रों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण व्याख्यान सीएमई में प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक निदान पद्धतियों पर व्याख्यान दिए। एसजीपीजीआई लखनऊ से प्रो. डॉ. राम नवल राव, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर
