“गरीब महिलाओं की मेहनत की कमाई पर डाका – सिस्टम खामोश, ठग बेखौफ!”
रिपोर्ट News10plus| अम्बेडकरनगर। जनपद की तहसील टांडा क्षेत्र के इल्तेफातगंज में संचालित एक निजी माइक्रोफाइनेंस संस्था से जुड़े कर्मचारी पर एक महिला से ठगी और गबन का गंभीर आरोप सामने आया है।
मीरानपुरा, टांडा की निवासी महिला शमीम बानो ने आरोप लगाया है कि बंधन बैंक से जुड़े फील्ड कर्मचारी जो (स्वयं को सुरेंद्र सिंह बताने वाले) बंधन बैंक के इस कर्मचारी ने महिलाओं को बहला-फुसलाकर समूह में लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करता है।
महिला के अनुसार, आरोपी कर्मचारी टांडा नगर क्षेत्र के सिकंदराबाद में स्थित कांशीराम कॉलोनी में महिलाओं को इकट्ठा कर मीटिंग करता है और उन्हें लोन दिलाने का कार्य करता है। इस दौरान वह अनपढ़ महिलाओं से ईएमआई की रकम वसूली, करता है,
लेकिन कैश में ली गई रकम के भुगतान का कोई रिकॉर्ड या रसीद नहीं देता है। साथ ही यह व्यक्ति इतना शातिर और चालाक है कि एक ईएमआई फोन पे से लेता है, ताकि इसका रिकॉर्ड रहें और दूसरी ईएमआई कैश लेता है ताकि इसका रिकॉर्ड न रहे और जब बात फंसे तो इसके बचने का रास्ता रहे।
शमीम बानो ने बताया कि: आरोपी कभी फोनपे के माध्यम से ईएमआई लेता था, जिसका रिकॉर्ड सुरक्षित है। वहीं, कैश में ली गई ईएमआई का कोई हिसाब नहीं दिया गया,
जिससे गबन की आशंका मजबूत हो और शिकायत करने पर इसका पक्ष मजबूत रहे, जिससे यह व्यक्ति बैंक और पुलिस को सबूत के नाम पर महिलाओं को झूठा साबित कर सके यह है इसका शातिराना अंदाज।
इस तरह से इस व्यक्ति ने करीब 25 हजार रुपये से अधिक की रकम की हेराफेरी की है जिसका महिला के द्वारा आरोप लगाया गया है। इसके अलावा आरोप है कि:
लोन देते समय करीब 3500 रुपये खाते में रोक लिए जाते हैं, और हर किस्त पर 76 रुपये खाते में वापस दिया जाता है, जो लगभग दो वर्षों की साप्ताहिक ईएमआई में लौटाए जाने की बात कही जाती है।
लेकिन यह राशि भी वापस नहीं की जाती है बल्कि इसके द्वारा खाते से स्वयं निकाल ली गई है।पीड़िता ने इस मामले की शिकायत बंधन बैंक के टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराई है।
महिला का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार अधिकतर कम पढ़ी-लिखी महिलाएं हो रही हैं, जिन्हें योजनाओं का लालच देकर ठगा जा रहा है।
आरोप है कि इस तरह से जनपद में कईयों माइक्रोसॉफ्ट फाइनेंस कम्पनियां चल रही है लेकिन वर्तमान समय में बंधन बैंक माइक्रोफाइनेंस कंपनी पर आरोप हैं, जो समूह लोन के नाम पर महिलाओं से वसूली करता है,
लेकिन इसकी पारदर्शिता की कमी सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक क्यों बने हुए हैं?
आए दिन सामने आ रहे ऐसे मामलों से महिलाओं में भय और असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यक्ति ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी किया।




