रिपोर्ट मोहम्मद राशिद-सैय्यद
अम्बेडकरनगर में एनटीपीसी टांडा ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला 2025-26 का आयोजन किया है,
जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को बहुआयामी विकास के अवसर प्रदान करना है। यह कार्यशाला 21 मई से 16 जून तक आयोजित की जा रही है,
जिसमें आस -पास के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की 40 बालिकाओं ने रविवार 25 मई 2025 को एनटीपीसी के सरगम हॉल में प्रतिभाग किया। जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को बहुआयामी विकास के अवसर प्रदान करना है।
एनटीपीसी की सामाजिक जिम्मेदारी
एनटीपीसी टांडा ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत विभिन्न सामाजिक पहलों को शुरू किया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य,
स्वच्छता, और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
कार्यशाला के उद्देश्य
बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को बहुआयामी विकास के अवसर प्रदान करना है। इस कार्यशाला में बालिकाओं को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, और कौशल विकास शामिल हैं।
कार्यशाला की विशेषताएं
इस कार्यशाला में 40 बालिकाओं ने प्रतिभाग कर रही हैं, जिन्हें विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा, नेतृत्व, और संचार कौशल जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस कार्यशाला में बालिकाओं को अंग्रेज़ी भाषा, कंप्यूटर शिक्षा, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण जागरूकता, योग, मार्शल आर्ट, नृत्य और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
स्वच्छता पखवाड़ा – 2025 के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक
कार्यशाला के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा – 2025 26 के अंतर्गत एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसका उद्देश्य स्वच्छता और स्वच्छ आदतों को बढ़ावा देना था। इस नाटक के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
एनटीपीसी की प्रतिबद्धता
एनटीपीसी टांडा ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। एनटीपीसी का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।
भविष्य की योजनाएं
एनटीपीसी टांडा ने भविष्य में भी इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करने की योजना बनाई है। एनटीपीसी का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना है
एनटीपीसी की महिला गरिमा मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका
एनटीपीसी की महिला गरिमा मंडल ने बालिका सशक्तीकरण कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गरिमा मंडल की महिलाओं और टीचर्स ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने न केवल बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया, बल्कि उनकी जीवन शैली और खेल-कूद पर भी विशेष ध्यान दिया।
गरिमा मंडल की महिलाओं और टीचर्स ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। उन्होंने छात्राओं को नेतृत्व, संचार कौशल, और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
गरिमा मंडल की महिलाओं और टीचर्स ने छात्राओं की जीवन शैली में सुधार लाने के लिए भी काम किया। उन्होंने छात्राओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, और पोषण जैसे विषयों पर जागरूक किया।
गरिमा मंडल की महिलाओं और टीचर्स ने छात्राओं को खेल-कूद में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद की।





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