रिपोर्ट:News10plus| अम्बेडकरनगर | जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जारी एक सख्त आदेश के बाद जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में हलचल तेज हो गई है।
डी.आइ.ओ.एस. प्रवीण कुमार तिवारी ने जनपद के समस्त अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश दिया है
कि बालिकाओं की सुविधा के लिए स्कूलों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसिनरेटर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
क्या है DIOS का आदेश? राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य
कार्यक्रम के तहत जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जिन विद्यालयों में छात्राएं पढ़ती हैं, वहां प्रबंधन अपने संसाधनों से वेंडिंग मशीन और इंसिनरेटर क्रियाशील स्थिति में स्थापित कराए। साथ ही शौचालयों में नियमित साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए।
DIOS ने दी चेतावनी?…
कि निरीक्षण के दौरान यदि मशीनें बंद मिलीं या स्वच्छता में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।
प्रबंधकों में नाराजगी, बताया ‘तुगलकी फरमान’
इस आदेश पर कई विद्यालय प्रबंधकों ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रबंधकों का कहना है कि वित्तविहीन स्कूल अपने खर्च से मशीनें कैसे लगवाएं? इसके लिए अलग से जगह, बिजली, रखरखाव और एक महिला कर्मचारी की भी जरूरत पड़ेगी। इतना बजट छोटे स्कूल कहां से लाएं?
कुछ प्रबंधकों ने कहा,
“छात्राओं की जरूरत के हिसाब से सेनेटरी पैड और डस्टबिन पहले से उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर छात्राएं इस्तेमाल कर लेती हैं और इस्तेमाल किए गए पैड को वहां पर रखी गई डस्टबिन में डाल देती हैं,
जिसे सफाईकर्मी निर्धारित स्थानों पर निस्तारित कर देते हैं। ऐसे में इंसिनरेटर और वेंडिंग मशीन को अनिवार्य करना अव्यवहारिक है। बिना आर्थिक मदद के यह आदेश तुगलकी फरमान जैसा है।”
शिक्षा विभाग अलर्ट, प्रबंधन जुटा तैयारी में
आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल है। कई विद्यालय प्रबंधन नोटिस के डर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं, वहीं कुछ ने शासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
नोट – डिस्क्लेमर: यह तस्वीर – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा केवल उदाहरण/प्रतीकात्मक रूप में तैयार की गई है। इसका वास्तविक व्यक्ति, स्थान या किसी घटना से कोई संबंध नहीं है। News10plus किसी भी भ्रम की स्थिति से बचाव के लिए स्पष्ट करता है!




