ऑपरेशन पर हजारों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं मिली राहत, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग।
रिपोर्ट:News10plusएडिटर| अम्बेडकरनगर | News10plus समाचार कटका थाना क्षेत्र के जुड़ईपुर पिण्डोरिया गांव की निवासी चंचला, पत्नी मिठाईलाल, ने एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का
गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोपी चिकित्सक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच कराने तथा पति के संपूर्ण उपचार का खर्च दिलाने की मांग की है।
पीड़िता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ने पर सबसे पहले डॉ. आम्रपाली मिश्रा से उपचार कराया गया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। इसके बाद उन्हें मेडलाइफ हॉस्पिटल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉ. संतोष यादव ने तत्काल ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
चंचला का आरोप है कि डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों से कर्ज लेकर ऑपरेशन कराया। इस दौरान लगभग 40 हजार रुपये डॉक्टर की फीस,
37 हजार रुपये बेड शुल्क तथा दवाइयों पर भी भारी रकम खर्च करनी पड़ी। इतना खर्च करने के बावजूद मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने इलाज में लापरवाही को लेकर डॉक्टर से सवाल किया, तो उन्हें अस्पताल से डांटकर बाहर निकाल दिया गया और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। बाद में डॉक्टर ने मरीज को आगे के उपचार के लिए लखनऊ रेफर कर दिया।
पीड़िता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा उनके पति के दोबारा ऑपरेशन एवं संपूर्ण उपचार का खर्च संबंधित चिकित्सक से दिलाने की मांग की है।
नोट: यह समाचार पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायती पत्र के आधार पर प्रकाशित किया गया है। संबंधित चिकित्सक अथवा अस्पताल का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




