‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को मिला सहयोग, मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य और जागरूकता पर दिया गया जोर
रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद-सैय्यद| अम्बेडकरनगर। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, टांडा सीमेंट वर्क्स ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम
(टीबी मुक्त भारत अभियान) में सहभागिता निभाते हुए 50 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें जिला चिकित्सालय, अकबरपुर में पौष्टिक आहार (न्यूट्रिशन) किट वितरित किए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने टीबी रोग के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार एवं संतुलित पोषण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान में अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा किए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
इस अवसर पर अल्ट्राटेक सीमेंट, टांडा के यूनिट हेड श्री नागेश उपाध्याय ने कहा कि कंपनी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय अभियान में कंपनी भविष्य में भी सक्रिय सहयोग करती रहेगी तथा जनहित से जुड़े सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाएगी।
कार्यक्रम में मरीजों को पोषण किट प्रदान कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। साथ ही लोगों से अपील की गई कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं, उपचार बीच में न छोड़ें और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
इस अवसर पर करुणा तिवारी (एचआर हेड, अल्ट्राटेक सीमेंट), डॉ. जयप्रकाश (जिला क्षय रोग अधिकारी), रविंद्र भारती (एसटीएस), अखिलेश चौधरी (जिला कार्यक्रम समन्वयक),
राजीव माथुर (जिला पीपीएम क्षय रोग अधिकारी), अवधेश राय, संदीप पाण्डेय सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कंपनी के कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में कंपनी प्रबंधन ने चिकित्सा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी जारी रखने का संकल्प दोहराया।
स्वस्थ समाज की दिशा में एक सार्थक पहल।
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, टांडा ने अपनी सीएसआर पहल के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान को सहयोग देते हुए 50 टीबी मरीजों को गोद लेकर पौष्टिक आहार किट वितरित किए। इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीबी के प्रति जागरूकता और नियमित उपचार का संदेश भी दिया।




