कर्बला के शहीदों की याद में सातवीं मोहर्रम पर राहगीरों को पिलाया गया शुद्ध ठंडा जल अंजुमन फैज़-ए- हुसैनी व केजीएन टी स्टॉल की सराहनीय पहल!

कड़ी धूप और गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में लोगों को पानी की बोतलें वितरित की गईं। आयोजकों ने कहा कि प्यासे लोगों को पानी पिलाना इंसानियत और सेवा का सबसे बड़ा कार्य माना जाता है।मोहर्रम के पवित्र महीने में यह परंपरा कर्बला के उन ऐतिहासिक और दर्दनाक पलों की याद दिलाती है, जब हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
अंजुमन के सदस्यों ने बताया कि लगभग 1400 वर्ष पूर्व कर्बला की धरती पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करते हुए शहादत स्वीकार की, लेकिन सत्य के मार्ग से समझौता नहीं किया।
उनकी शहादत आज भी पूरी दुनिया को इंसाफ, मानवता और सत्य के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मोहर्रम के दौरान सबील, मजलिस, नौहा, मातम और तबर्रुक वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसी क्रम में ब-याद-ए-कर्बला में आयोजित सबील-ए- सकीना के रूप में कार्यक्रम में राहगीरों को ठंडा जल पिलाकर शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सैय्यद हानी ज़ैदी, सैय्यद इस्माइल अशरफ, ज़ुहैर अब्बास, तलहा खान, मोहम्मद आरिफ, नबी अहमद, अरशद, उजै़र अहमद,
पत्रकार पुत्र सैय्यद मोहम्मद ज़हीर, मोईनुद्दीन सहित अंजुमन फैज़-ए-हुसैनी ग्राम अरसावां एवं केजीएन टी स्टॉल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




