रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद-सैय्यद| अम्बेडकरनगर | भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से
एनटीपीसी टांडा में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह, उमंग एवं सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर एनटीपीसी टाउनशिप स्थित “सप्तरंग क्लब” में भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों, उनके परिजनों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं गरिमा महिला मंडल की सदस्याओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रांजल यादव रहे। उन्होंने अपने संबोधन में योग को भारत की अमूल्य विरासत बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से बचाव के लिए योग अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सुभाष चंद्र सिंह, महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण, एनटीपीसी टांडा ने सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और बेहतर कार्यक्षमता का आधार है।
उन्होंने कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों से नियमित योगाभ्यास अपनाकर संतुलित एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की।योग सत्र का संचालन जनपद के अनुभवी आयुष योग प्रशिक्षक विकास चंद्र तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया।
उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा योग से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम में श्रीमती सुधा सिंह, उपाध्यक्ष, गरिमा महिला मंडल, टांडा की भी सक्रिय सहभागिता रही।
उन्होंने महिलाओं एवं परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा समग्र कल्याण के लिए योग को अपनाने पर विशेष बल दिया।सामूहिक योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, महिला मंडल की सदस्याओं एवं एनटीपीसी परिवार के लोगों ने नियमित योग करने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
योग दिवस के इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि सामुदायिक एकता, सकारात्मक ऊर्जा और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को भी मजबूती प्रदान की।




