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प्लेटलेट की कमी के बीच सुरक्षित डिलीवरी की तैयारी, एफेरेसिस तकनीक से बची मरीज की जान!

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रिपोर्ट एडिटर मोहम्मद राशिद – सैय्यद|     अम्बेडकरनगर। महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर स्थित पूर्वांचल मेडिसिटी हॉस्पिटल में मंगलवार, 31 मार्च 2026 को एक जटिल चिकित्सा स्थिति में डॉक्टरों की टीम ने सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के माध्यम से

मरीज की सुरक्षित डिलीवरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।जानकारी के अनुसार, डॉक्टर प्रवीण प्रसाद के उपचाराधीन मरीज गुलिस्ता का प्लेटलेट काउंट काफी कम था, जबकि उनकी ऑपरेशन के माध्यम से डिलीवरी प्रस्तावित थी।

प्रारंभिक तौर पर मरीज को रेंडम डोनर प्लेटलेट चढ़ाया गया, लेकिन इसके बावजूद प्लेटलेट काउंट में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए रक्त केन्द्र के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने डॉक्टर प्रवीण प्रसाद को एफेरेसिस

तकनीक द्वारा प्लेटलेट लेने की सलाह दी। इसके बाद सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए एफेरेसिस प्रक्रिया के माध्यम से सिंगल डोनर प्लेटलेट (SDP) तैयार कर मरीज को चढ़ाया गया।

एफेरेसिस द्वारा प्राप्त प्लेटलेट चढ़ाने के बाद मरीज का प्लेटलेट काउंट संतोषजनक स्तर तक पहुंच गया, जिसके बाद अब मरीज के ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉ. मनोज कुमार गुप्ता की देखरेख में डॉक्टर महेश यादव सहित लैब टेक्नीशियन संतोष, राकेश, नवीन, राजकुमार, दुर्गा शंकर और सूरज मौजूद रहे।

इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि एफेरेसिस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि यह गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है।

यह सफल प्रयास न केवल मेडिकल टीम की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के महत्व को भी रेखांकित करता है।

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