टांडा अम्बेडकरनगर ! ईद उल फित्र के अवसर पर शिया समुदाय ने एक अनोखे तरीके से ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनाई की शहादत पर शोक व्यक्त किया।
शिया समुदाय के लोगों ने इस वर्ष ईदु उल फित्र के मौके पर पुराने लिबास पहने कर बाहों में काली पट्टी बांध कर शांतिपूर्वक ईदु उल फित्र की नमाज अदा की,
लेकिन ना ही एक दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी और न ही किसी के घरों में सेवईयां बनाई गईं। और न ही ईद की नमाज़ के बाद जिस तरह से हर वर्ष लोग एक-दूसरे को सेवईयां खिलाकर खुशियां मनाई।
बता दें जहां इस वर्ष ईद पर जिस तरह से अन्य जनपदों में शिया समुदाय के लोगो ईद नहीं मनाई उसी तरह से अम्बेडकरनगर जनपद में भी शिया समुदाय के लोगो ने ईदुल-फित्र की नमाज़ तो अदा किया लेकिन ईद की खुशियां नहीं मनाई।

इस अवसर पर शिया समुदाय के साथ सुन्नी समुदाय के लोग भी शरीक हुए और ग़म का इज़हार किया जहां मौजूद लोगों ने कहा कि सैय्यद आयतुल्ला अली खामेनाई एक महान शख्सियत थे जिन्होंने हमेशा ज़ुल्म करने वालों का विरोध किया और मजलूमों के साथ खड़े रहे।

इस अवसर पर शिया समुदाय के साथ सुन्नी समुदाय के लोग भी शामिल हुए और ईरान के सुप्रीम लीडर शिया धर्मगुरु सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनाई की शहादत के ग़म का शांतिपूर्वक इज़हार किया।




