डीएम अनुपम शुक्ला ने गैस एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश – होम डिलीवरी अनिवार्य, ओवररेटिंग और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद-सैय्यद| अम्बेडकरनगर | 11 मार्च 2026 जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
ज्योत्स्ना बंधु सहित जनपद के सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, बीपीसीएल, एचपीसीएल, आइओसीएल के प्रतिनिधि तथा एलपीजी वितरक उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में एलपीजी गैस का वितरण अब पूरी तरह होम डिलीवरी सिस्टम के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों पर भीड़ लगाने की आवश्यकता न पड़े और व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।
डीएम ने सभी एलपीजी वितरकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बुकिंग के बाद गैस सिलेंडर सीधे उपभोक्ता के घर तक पहुंचाया जाए। यदि कोई उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंचता है तो उसे तत्काल टोकन जारी किया जाए, जिसमें गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी की समय सीमा स्पष्ट रूप से अंकित हो।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी गैस एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगनी चाहिए और उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी व्यवस्था के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस या पूर्ति निरीक्षक से समन्वय स्थापित कर उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान की जाए।
बैठक में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच गैस बुकिंग नंबरों पर अत्यधिक कॉल आने के कारण कभी-कभी तकनीकी समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस पर जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस समय के अतिरिक्त भी बुकिंग कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सुगम हो सके।
डीएम ने उपभोक्ताओं को यह भी बताया कि गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय हॉकर को ओटीपी देना अनिवार्य होगा, इसलिए बुकिंग के समय पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को एलपीजी संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम संचालित करने के निर्देश दिए। इसके लिए आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की प्रतिदिन दो शिफ्ट (प्रत्येक 8 घंटे) में ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों का नियमित भौतिक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी स्तर पर गैस की जमाखोरी या ओवररेटिंग की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




