रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद (सैय्यद) म्बेडकरनगर | 06 अगस्त 2026 (गुरुवार) प्रधानाचार्य के निर्देशन में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकरनगर में यूजीसी मेंटल हेल्थ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का मन लगातार 14 से 15 दिनों तक उदास रहे, दैनिक कार्यों और रुचियों में कमी आने लगे तथा अत्यधिक थकान महसूस हो, तो
यह डिप्रेशन के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने समय रहते मानसिक रोगों की पहचान और उपचार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, ताकि आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

उन्होंने डिसोसिएटिव डिसऑर्डर, हिस्टीरिया, स्किजोफ्रेनिया, आइसोलेशन, हैलुसिनेशन, इल्यूजन, डिल्यूजन, सस्पिशसनेस, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, एडजस्टमेंट डिसऑर्डर, बर्नआउट सहित अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण, कारण,
पहचान और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। उचित उपचार एवं काउंसलिंग के माध्यम से अधिकांश मानसिक रोगों का प्रभावी प्रबंधन संभव है।
इस अवसर पर सहायक आचार्य डॉ. सुधांशु चंदेल ने भी मानसिक स्वास्थ्य एवं विभिन्न मानसिक रोगों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एंग्जायटी, एग्रोफोबिया, स्पेसिफिक फोबिया, सोशल फोबिया, जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर तथा पैनिक डिसऑर्डर के प्रारंभिक लक्षणों, पहचान, रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और समय पर उपचार के महत्व को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग स्टाफ के साथ संवादात्मक चर्चा एवं विशेष वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ से गायत्री कुशवाहा, रूपम रानी, मीना यादव, सलोनी चौधरी, तराना, संगीता राजपूत, प्रमिला यादव, रेखा, सुशीला देवी, रूपल वर्मा, प्रतिमा पाठक, शशि वर्मा सहित एटीएफ टीम के विनोद कनौजिया, प्रियम खरे (काउंसलर), अनुराग त्रिपाठी (स्टाफ नर्स) एवं स्वीटी शर्मा (डाटा मैनेजर) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में टीचर एसोसिएशन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। वहीं एलटी-1 से हिमांचल एवं राजित राम ने भी आयोजन एवं संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम और संकोच को दूर करना रहा।




