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टांडा रोडवेज के बाहर वाटर कूलर हादसे में मजदूर की मौत: बेटे ने जलकल जेई व अध्यक्ष के फिलाफ दी तहरीर, ईओ बोलीं-होगी निष्पक्ष जांच!

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समझौते का दावा, परिजनों को सहायता का आश्वासन: तीन सदस्यीय जांच समिति बनेगी, पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई!

रिपोर्ट: News10plus|                          अम्बेडकरनगर|टांडा रोडवेज बस स्टेशन के बाहर नगर पालिका परिषद टांडा द्वारा लगाए गए वाटर कूलर में कथित रूप से करंट आने और मजदूर बेचनराम उर्फ बेचू राम की मौत के आरोप के मामले ने नया मोड़ प्रकाश मे आया है।

एक ओर नगर पालिका परिषद की अधिशाषी अधिकारी (ईओ) श्रीमती प्रियंका मिश्रा ने दोनों पक्षों के बीच समझौता होने तथा मृतक के परिजनों को व्यक्तिगत और सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है,

वहीं दूसरी ओर मृतक के बेटे ने नगर पालिका के जलकल जेई और पालिका अध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए टांडा कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।टांडा कोतवाली क्षेत्र के नेहरूनगर (मेहनिया) निवासी एस. कुमार, पुत्र स्वर्गीय बेचनराम, ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उनके पिता 3 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 8:30 बजे टांडा रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे थे।

आरोप है कि बस स्टेशन के बाहर नगर पालिका परिषद द्वारा लगाए गए वाटर कूलर से पानी पीते समय उसमें करंट प्रवाहित हो गया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना से पहले स्थानीय लोगों ने वाटर कूलर में करंट आने की मौखिक सूचना नगर पालिका परिषद के जलकल जेई आशीष चौहान तथा पालिका अध्यक्ष शबाना नाज को दी थी। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।टांडा कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उधर, नगर पालिका परिषद टांडा की अधिशासी अधिकारी प्रियंका मिश्रा ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को व्यक्तिगत और सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नगर पालिका अध्यक्ष ने क्या कहा…

नगर पालिका परिषद टांडा की अध्यक्ष शबाना नाज ने  लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। उनका कहना है कि वाटर कूलर में करंट आने या उससे संबंधित किसी प्रकार का कोई प्रार्थना-पत्र उन्हें प्राप्त नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। साथ ही उन्होने कहा सार्वजनिक रूप से पूरे नगरक्षेत्र मे जो भी वाटर कूलर फ्रीज़र लगाया गया है जो एक सिस्टम के तहत नागरीको को दी जाने वाली सुविधा मे शामिल है,

और इसके तहत पूरे प्रदेश में वाटर कूलर लगे है और लगाए जा रहे उसमे किसी तरह की टेक्निकल या मैकेनिकल फाल्ट होता तो उसकी जिम्मेदार सीधा सिर्फ संस्थान या किसी अधिकारी या फिर किसी जनप्रतिनिधि पर नही हो सकती?…

और अगर वाटर कूलर मे किसी प्रकार की तकनीकी खराबी कही पर होती भी है तो उसकी समय रहते सूचना देनी चाहिए  जिससे समय रहते ठीक करवाया जा सके!

बहरहाल जो कुछ भी हो पुलिस जांच, साक्ष्य, तकनीकी रिपोर्ट और जिम्मेदारी तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होता है कि किस व्यक्ति या अधिकारी की आपराधिक या प्रशासनिक जिम्मेदारी बनती है।

इसी प्रकार, नगर पालिका का पीड़ित परिवार को सहायता देना भी दोष स्वीकार करना नहीं माना जाता। सहायता मानवीय या सरकारी नीति के तहत दी जा सकती है, जबकि दायित्व (liability) का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होता है, इस तरह से आरोप प्रत्यारोप तो लगते रहते है!

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