रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद(सैय्यद) अम्बेडकरनगर। एनटीपीसी टांडा में वरिष्ठ अधिकारी राजीव कुमार सिन्हा ने परियोजना प्रमुख Project Head का पदभार ग्रहण कर लिया है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग (बी.एससी. इंजीनियरिंग) में भागलपुर विश्वविद्यालय से स्नातक सिन्हा ने 15 मार्च 1993 को एनटीपीसी में कार्यकारी प्रशिक्षु (Executive Trainee) के रूप में
अपने करियर की शुरुआत की थी। लगभग 33 वर्षों के सफल और समृद्ध सेवाकाल में उन्होंने एनटीपीसी की प्रमुख परियोजनाओं—कहलगांव, फरक्का, रिहंद, गाडरवारा एवं नॉर्थ करनपुरा—में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (O&M), फ्यूल हैंडलिंग, ऐश डाइक मेंटेनेंस तथा प्लांट मेंटेनेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उनकी कार्यशैली ने संयंत्रों की परिचालन उत्कृष्टता, विश्वसनीयता और अनुरक्षण व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की। एनटीपीसी टांडा का कार्यभार संभालने से पहले वे नॉर्थ करनपुरा सुपर ताप विद्युत परियोजना में O&M विभाग में अपनी सेवाएँ दे रहे थे।
श्री सिन्हा ने पावर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (PMI) एवं एनटीपीसी की विभिन्न इकाइयों द्वारा आयोजित नेतृत्व और व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है।
उन्होंने लीडरशिप डेवलपमेंट, सेफ्टी लीडरशिप, बिजनेस एक्सीलेंस, क्वालिटी मैनेजमेंट, प्रिवेंटिव विजिलेंस, साइबर सुरक्षा, बिहेवियरल सेफ्टी तथा O&M एक्सीलेंस जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि उनका लक्ष्य एनटीपीसी टांडा में सुरक्षित, विश्वसनीय, दक्ष एवं सतत विद्युत उत्पादन को और अधिक मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि टीमवर्क, नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ही संगठन की सफलता की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने एनटीपीसी की राष्ट्रनिर्माण की प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर एनटीपीसी टांडा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राजीव कुमार सिन्हा का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं।
प्रमुख बिंदु
जीव कुमार सिन्हा ने एनटीपीसी टांडा के परियोजना प्रमुख का पदभार संभाला। लगभग 33 वर्षों का समृद्ध अनुभव।कई प्रमुख एनटीपीसी परियोजनाओं में निभाई अहम भूमिका।
सुरक्षित एवं विश्वसनीय विद्युत उत्पादन को और मजबूत बनाने पर रहेगा विशेष फोकस। टीमवर्क, नवाचार और परिचालन उत्कृष्टता को बताया सफलता का आधार।




