बच्चों संग बैठकर किया मध्याह्न भोजन, शिक्षा की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा!
रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद -सैय्यद| अम्बेडकरनगर | 25 जून 2026 ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं भीषण गर्मी के चलते अतिरिक्त छुट्टियों के बाद गुरुवार को जनपद के परिषदीय एवं —
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में एक बार फिर बच्चों की किलकारियां गूंज उठीं। विद्यालय खुलते ही बच्चों और शिक्षकों के बीच उत्साह एवं उमंग का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह ने शिक्षा क्षेत्र अकबरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बर्धा भिउरा का निरीक्षण कर बच्चों का आत्मीय स्वागत किया।
दोनों अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों को रोली-टीका लगाकर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों, पेयजल व्यवस्था, रसोईघर तथा मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता क –
गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्धारित मेनू के अनुसार तैयार रोटी-दाल का भोजन बच्चों के साथ बैठकर ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता की सराहना की।
बच्चों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए
निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
गौरतलब है कि ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय 16 जून से संचालित होने थे, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए शासन द्वारा 24 जून 2026 तक
अवकाश बढ़ा दिया गया था। अवकाश समाप्त होने के बाद आज से जनपद के सभी विद्यालय पुनः नियमित रूप से संचालित हो गए हैं।
इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी अकबरपुर श्रीमती प्रतीक्षा सिंह सहित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अलग-अलग विद्यालयों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बच्चों का स्वागत करते हुए विद्यालयों में साफ-सफाई,
पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
विद्यालय खुलने के साथ ही बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया, जिससे शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल का संचार हुआ।




