मोहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन सख्त, आयोजकों के लिए जारी हुआ 10 सूत्रीय शपथ पत्र!
टांडा, अंबेडकरनगर|टांडा मोहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा आयोजकों के लिए शपथ पत्र जारी किया गया है।
इस शपथ पत्र में जुलूस आयोजन से संबंधित महत्वपूर्ण नियम एवं जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, जिनका पालन करना प्रत्येक आयोजक के लिए अनिवार्य होगा।
प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रमुख शर्तें, जुलूस में किसी भी प्रकार के उत्तेजक, साम्प्रदायिक अथवा राष्ट्र विरोधी नारे और शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। किसी अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल,
मकान अथवा सार्वजनिक स्थान के सामने उत्तेजक नारेबाजी या आपत्तिजनक गतिविधियां नहीं होंगी। जुलूस के प्रारम्भ से समापन तक सम्पूर्ण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी,
जिसकी रिकॉर्डिंग आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। जुलूस में अनुशासन बनाए रखने हेतु आयोजकों द्वारा पहचान चिन्ह युक्त स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की तैनाती की जाएगी।
जुलूस केवल अनुमोदित पारंपरिक मार्ग एवं निर्धारित समय पर ही निकाला जाएगा। प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग किया जाएगा।
ताजियों की ऊंचाई सीमित रखी जाएगी ताकि बिजली के तारों एवं अन्य संरचनाओं से दुर्घटना की संभावना न रहे। किसी भी असामाजिक, साम्प्रदायिक अथवा उपद्रवी तत्व को जुलूस में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार, भाला अथवा अन्य बड़े शस्त्रों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है,
मोहर्रम गाइडलाइन को लेकर फैली भ्रम की स्थिति, हुई दूर, ताज़ियादारों ने जताई सहमति
प्रकरण के संबंध में जैसे ही मोहर्रम जुलूस निकालने वाले आयोजकों एवं ताज़ियादारों को प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन उपलब्ध कराई गई तथा उस पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू हुई,
कई आयोजकों के मन में कुछ बिंदुओं को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद सभी जुलूस एवं ताज़िया आयोजक एकत्र होकर राजा सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी के पास पहुंचे और अपनी शंकाएं व्यक्त कीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी ने कोतवाली प्रभारी दीपक सिंह रघुवंशी से दूरभाष पर वार्ता कर गाइडलाइन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके उपरांत कोतवाली प्रभारी ने हल्का उपनिरीक्षक मुनिरंजन दूबे को मौके पर भेजा। उपनिरीक्षक द्वारा गाइडलाइन के सभी बिंदुओं की विस्तार से जानकारी एवं आवश्यक स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद आयोजकों की सभी शंकाएं दूर हो गईं।
स्थिति स्पष्ट होने पर सभी जुलूस एवं ताज़िया आयोजकों ने प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति प्रदान की तथा मोहर्रम के दौरान अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आश्वासन दिया।
वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मोहर्रम को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होने का दावा किया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है,
कि जुलूस के दौरान यदि कोई भी शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने अथवा किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन और चेतावनी के बाद मोहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
इस बीच मुख्य रूप से मौजूद रहे सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी, समाजसेवी काशिफ अहमद अंसारी एवं नगर क्षेत्र के कईयों ताज़ियादारों की उपस्थित में प्रशासन की तरफ से जारी एडवाइजरी पर सहमति जताई गई!
प्रशासन की तरफ से जारी गाइडलाइन
निर्धारित नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित आयोजक की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई भी की जा सकती।
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