रिपोर्ट News10plus एडिटर| अम्बेडकरनगर। होली के पर्व पर शांति और उल्लास के माहौल के बीच टांडा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। टांडा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जनार्दनपुर स्थित
एक सरसों के खेत में प्रसिद्ध लकड़ी व्यवसायी व गोताखोर संगठन के मुखिया सुरेंद्र मांझी खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। सूचना मिलते ही टांडा कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र मांझी को
आनन-फानन में इलाज के लिए महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही ग्राम जनार्दनपुर सहित पूरे टांडा नगर क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
मेडिकल कॉलेज परिसर में उनके शुभचिंतकों और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र मांझी के सिर पर फावड़े अथवा किसी भारी व धारदार हथियार से गंभीर प्रहार किए गए थे। सिर में गहरी चोट के निशान पाए गए हैं।
हालांकि समाचार लिखे जाने तक घटना के कारणों और हमलावरों को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। गौरतलब है कि सुरेंद्र मांझी एक बेहद चर्चित और समाजसेवी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे।
नदी के गहरे पानी में डूबे लोगों को बाहर निकालने में उन्हें विशेष दक्षता हासिल थी। जैसे ही किसी व्यक्ति के डूबने की सूचना मिलती, वे बिना किसी देरी के अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुट जाते थे।
अब तक उन्होंने कई लोगों की जान बचाई थी। उनके इसी निस्वार्थ सेवा भाव के चलते आमजन ही नहीं, बल्कि पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका था।
दूसरों की जान बचाने वाले सुरेंद्र मांझी आज स्वयं असमय काल का ग्रास बन गए। होली की खुशियां उनके परिवार के लिए मातम में बदल गईं।
इस जघन्य वारदात ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही घटना के खुलासे का दावा कर रही है।





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