रिपोर्ट – एडिटर मोहम्मद राशिद – सैय्यद| अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में नवप्रवेशित स्नातकोत्तर (PG) रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए चल रहे दो सप्ताह के ओरिएंटेशन
कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को लेक्चर थिएटर–2 में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ.) मुकेश यादव ने की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) मुकेश यादव ने “Introduction to PG Training & NMC Expectations” विषय पर व्याख्यान देते हुए
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की रूपरेखा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की अपेक्षाओं तथा प्रशिक्षण के दौरान अपनाए जाने वाले शैक्षणिक एवं नैतिक मानकों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर प्रशिक्षण केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें क्लिनिकल कौशल, अनुसंधान क्षमता, पेशेवर नैतिकता और रोगी देखभाल की गुणवत्ता का समग्र विकास भी शामिल है।
उन्होंने रेजिडेंट चिकित्सकों से अपेक्षा की कि वे चिकित्सा ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक दक्षता, संचार कौशल, टीम वर्क और मानवीय संवेदनशीलता को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में PG पाठ्यक्रम और आवश्यक दक्षताओं (Competencies) का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करते हुए रेजिडेंट्स की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, रोगी सेवा में संवेदनशीलता तथा संस्थान की नीतियों और आचार संहिता (Institutional Policies & Code of Conduct) के पालन के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने नवप्रवेशित रेजिडेंट चिकित्सकों से कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं।
साथ ही उन्होंने सभी रेजिडेंट्स से अपेक्षा की कि वे अपने प्रशिक्षण काल में चिकित्सा सेवा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर (डॉ.) मुकेश राना, पोस्टग्रेजुएट टीचिंग इंचार्ज द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि 10 मार्च से 23 मार्च तक चलने वाले इस दो सप्ताह के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में
नवप्रवेशित पीजी रेजिडेंट्स को चिकित्सा शिक्षा, अस्पताल प्रबंधन, शोध पद्धति, चिकित्सा नैतिकता, रोगी सुरक्षा, संचार कौशल, टीम वर्क तथा संस्थागत प्रक्रियाओं से विस्तार से परिचित कराया जाएगा।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रोफेसर उमेश कुमार वर्मा, प्रोफेसर बृजेश कुमार, प्रोफेसर अमित पटेल, प्रोफेसर प्रमोद यादव, प्रोफेसर अजय कुमार सिंह, डॉ. राजेश गौतम, डॉ. अजफर मतीन, डॉ. बीरेन्द्र यादव सहित अन्य संकाय सदस्य एवं नवप्रवेशित स्नातकोत्तर विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कॉलेज प्रशासन द्वारा आयोजित यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम नवप्रवेशित रेजिडेंट चिकित्सकों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रशिक्षण की संरचना, संस्थागत नीतियों,
चिकित्सा नैतिकता, शोध गतिविधियों तथा गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, ताकि वे अपने प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और पेशेवर ढंग से पूरा कर सकें।




