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स्व: मिर्जा नासिर हसन के चालिसवीं की मजलिस को सम्बोधित किया! मौलाना शारिब अब्बास ने दिया इंसानियत का पैगाम!

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रिपोर्ट News10plus Editor|               अम्बेडकरनगर ! टांडा नगर के मोहल्ला मीरानपुरा में स्वर्गीय मिर्जा नासिर हुसैन इब्ने शहादत हुसैन की चालिसवीं (चेहलुम) मजलिस का आयोजन

श्रद्धा और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध वक्ता मौलाना शारिब अब्बास ने मजलिस को संबोधित करते हुए कुरआन की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मौलाना शारिब अब्बास ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम में यतीमों के साथ करुणा और सहानुभूति का विशेष महत्व है। उन्होंने कुरआन की आयत का हवाला देते हुए कहा — “अम्मल यतीमा फला तकहर” — अर्थात्

यतीमों को कभी परेशान न करो, उन्हें असहाय न बनाओ। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुरआन ने केवल मुस्लिम यतीमों तक ही मदद सीमित नहीं रखी, बल्कि हर धर्म और समाज के यतीमों की सहायता करने का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि अल्लाह ने इंसानियत के बीच कोई धार्मिक दीवार खड़ी नहीं की है, बल्कि हर जरूरतमंद की मदद करना ही सच्ची इबादत है। मौलाना ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे यतीमों के सिर पर हाथ रखें, उनकी परवरिश और सहायता को अपनी जिम्मेदारी समझें।

बताते चलें कि स्वर्गीय मिर्जा नासिर हुसैन श्रम विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। वे अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और दूसरों के दुःख-सुख में साथ खड़े रहने के लिए क्षेत्र में सम्मानित थे।

इस मजलिस का आयोजन उनके छोटे बेटे द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और जायरीनों ने शिरकत की। मजलिस के समापन के बाद सभी उपस्थित लोगों के लिए नजर-ए-मौला (भोजन) की व्यवस्था भी की गई।

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