रिपोर्ट – News10plus एडिटर| अम्बेडकरनगर जनपद की तहसील टांडा अंतर्गत सकरावल कोऑपरेटिव में “ईदुन्निशा” नाम से संचालित सरकारी राशन कोटा बीते कई वर्षों से कथित रूप से कबाड़खाने में चलाया जा रहा है।

और फिर तराजू पर रखवाकर तौल कराया जाता है। कोटे पर जो व्यक्ति मौजूद रहकर कोटा संचालित करता है जिस व्यक्ति नाम जावेद बताया जा रहा है, वह केवल एक स्थान पर बैठकर बोरियों का वजन करता है।
कार्डधारकों का आरोप है कि प्रति यूनिट एक किलो अनाज की कटौती की जाती है। इसके अलावा यह कोटा मात्र तीन या चार दिन ही खुलता है, उसके बाद कई दिनों तक दुकान बंद रहती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि राशन दुकान के खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है। कोटेदार कब दुकान खोलेगा, इसकी जानकारी पहले से नहीं दी जाती।
कार्डधारकों का कहना है कि कोटेदार का व्यवहार अत्यंत दुर्व्यवहारपूर्ण है। फोन करने पर वह न तो सही जानकारी देता है और न ही शिकायत सुनने को तैयार रहता है। उल्टे वह साफ तौर पर कहता है कि “जहां शिकायत करनी हो, कर दो, राशन तो यहीं से लेना पड़ेगा।”
इसी भय के कारण अधिकांश कार्डधारक खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते। मामले को लेकर जब फोन पर सप्लाई इंस्पेक्टर से शिकायत की गई तो उन्होंने कोटेदार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि टांडा नगर क्षेत्र में आए दिन कोटेदारों द्वारा घटतौली की शिकायतें सामने आती रहती हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कबाड़खाने में संचालित इस राशन
कोटे पर वास्तव में कोई कार्रवाई होती है या फिर फोन पर की गई शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।



