टांडा अम्बेडकरनगर| टांडा के मोहल्ला मीरानपुरा राजा मोहम्मद रज़ा मस्जिद में ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत पर शोक सभा और कैंडल मार्च आयोजित किया गया।
शोक सभा और कैंडल मार्च का आयोजन शिया धर्मगुरु मौलाना सैय्यद मैहताब हुसैन बलरामपुरी और मौलाना सैय्यद रज़ा के नेतृत्व में रज़ा मस्जिद में ईरान के सुप्रीम लीडर
शहीद सैय्यद अयातुल्ला खामेनाई के इसाले सवाब की मजलिस आयोजित की गई। बाद मजलिस अंजुमन हुसैनिया मीरानपुरा और अंजुमन सिपाहे हुसैनी के संयुक्त में अंजुमनों ने नौहा मातम किया।
शोक सभा में मौलाना सैय्यद मैहताब हुसैन बलरामपुरी ने मौखिक वार्ता में कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद आयतुल्ला अली खामेनाई सिर्फ शिया समुदाय के धर्मगुरु और रहबर नहीं थे, बल्कि वे हर एक मज़लूम के हक़ की
लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने कभी शिया सुन्नी को अलग अलग हिस्सों में नहीं बांटा, सभी को एक साथ लेकर चलते थे। वे मज़लूमों की आवाज़ बुलंद करने वाले मुसलमानो के रहबर थे।
शोक सभा का उद्देश्य ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत पर रज़ा मस्जिद में मजलिस और मातम के बाद हाथों में जलती हुई मोमबत्तियाँ लेकर मस्जिद से हाथों में कैंडल मार्च शांतिपूर्ण लेकर रज़ा मैदान में स्थित इमाम चौक पर शोक व्यक्त करना और उनके आदर्शों को याद करना था।




