डीएम ईशा प्रिया व एसपी प्राची सिंह ने दरगाह में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण, तहसीलदार गरिमा भार्गव की मौजूदगी में टांडा का पारंपरिक ताज़िया जुलूस सकुशल सम्पन्न हुआ!
रिपोर्ट:News10plusएडिटर मोहम्मद राशिद-सैय्यद| टांडा, अम्बेडकरनगर। जनपद सहित जनपद की समस्त तहसीलों और आसपास के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को दसवीं मोहर्रम (यौमे आशूरा) के अवसर पर ग़म-ए-हुसैन की अकीदत के साथ ताज़िया जुलूस निकाले गए।
पूरे जनपद में पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच सभी ताज़ियां जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न हुए। वहीं विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत सैय्यद मखदूम अशरफ जहाँगीर सिमनानी
से निकलने वाले ऐतिहासिक ताज़िया जुलूस का जिलाधिकारी ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह ने स्वयं दरगाह पहुंचकर निरीक्षण किया।

वहीं टांडा नगर के मोहल्ला मीरानपुरा स्थित राजा मोहम्मद रज़ा कोठी से निकलने वाला ऐतिहासिक ताज़िया जुलूस पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं ग़मगीन माहौल में बरामद हुआ।
जुलूस की व्यवस्थाओं की निगरानी तहसीलदार गरिमा भार्गव ने की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी शुभम कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी सहित टांडा कोतवाली के समस्त अधिकारी महिला उपनिरीक्षक महिला कांस्टेबल एंव पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा।
राजा सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी (मुतवल्ली) के नेतृत्व में ताज़िया जुलूस अपने निर्धारित समय पर राजा मोहम्मद रज़ा कोठी से बरामद हुआ। जुलूस नगर के पारंपरिक मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न इमाम चौकों के ताज़ियों को अपने साथ शामिल करता हुआ
आगे बढ़ा और रास्ते भर अकीदतमंदों ने या हुसैन की सदाओं, नौहाख्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से शहीद-ए-कर्बला हज़रत इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की याद में खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
जुलूस (सलारगढ़) पहुंचा, जहां अंजुमन हुसैनिया मीरानपुरा रजि. के सदस्यों द्वारा छोटी ताज़िया को पैदल कर्बला में पहुंचे और सुपुर्द-ए-ख़ाक किया। इसके उपरांत नज़र-ओ-नियाज़ का आयोजन हुआ तथा मजलिस और मातम का सिलसिला जारी रहा।
बाद में मीरानपुरा स्थित राजा मोहम्मद रज़ा मस्जिद में शाम-ए-ग़रीबा की मजलिस आयोजित हुई, जिसमें डॉ. सैय्यद आबिद रज़ा शीबू ने कर्बला के दर्दनाक वाक़ये का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि

उन्होंने यज़ीद की ओर से ढाए गए जुल्मों का भी विस्तार से ज़िक्र किया। मजलिस में मौजूद अज़ादारों ने नम आंखों से बीबी फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) को उनके लाल का पुर्सा पेश किया।
मजलिस के समापन के बाद अंजुमन के सदस्यों ने हाथों में मोमबत्तियां और मशालें लेकर अंधेरे में कर्बला के दर्दनाक मंजर की प्रतीकात्मक प्रस्तुति दी।
इस दौरान नौहाख्वानी, मातम और सीना-ज़नी के माध्यम से शहीद-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। पूरा वातावरण “या हुसैन” की सदाओं से गूंज उठा।

जहां विभिन्न इमाम चौकों के ताज़िए भी इसमें शामिल हुए। इसके बाद ताजिया जुलूस वहां से सलारगढ़ पहुंचा और राजा मोहम्मद रज़ा कोठी से निकलने वाला ताज़िया जुलूस अपने निर्धारित स्थल सालारगढ़ में सभी बड़ा ताजिया जुलूस सकुशल सम्पन्न हुआ।
और अंजुमन हुसैनिया मीरानापुरा के सदस्य छोटा ताजिया लेकर पैदल चलकर शाहबाग़ कर्बला में पहुंचे और अपने ताजियों को सुपुर्दे खाक किया। वहीं र्देर रात्रि लगभग 12 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम, नौहाख्वानी और मातम का सिलसिला जारी रहा।
तथा समूचा आयोजन पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजा सैय्यद काज़िम रज़ा आब्दी (मुतवल्ली), राजा सैय्यद जाफर रज़ा परवेज़, सैय्यद ज़ैद, सैय्यद अली अज़हर, सैय्यद कम्मू,
सैय्यद आरिफ हसन, सैय्यद रिज़वान हुसैन, सैय्यद शाहिद रज़ा एडवोकेट, डॉ. सैय्यद आबिर रज़ा शीबू, सैय्यद कामरान रिज़वी, सैय्यद आसिम, सैय्यद आसिफ हसन, सैय्यद दानिश मेहंदी,
सैय्यद रेहान रज़ा, सैय्यद अलीशान रज़ा, सैय्यद मोहम्मद आज़म, सैय्यद सलीम हैदर, सैय्यद सोजेब हैदर, सैय्यद शफी हसन, सैय्यद आबिद हसन, सैय्यद सईद हसन एडवोकेट,
सैय्यद अबुज़र, सैय्यद मोहम्मद ज़हीर, सैय्यद समर हसन, सैय्यद साकिर हसन (नम्मू), कज्जू, शेरू, आमिर, राशिद हुसैन, नौहाख्वान इसरार हुसैन सहित अंजुमन हुसैनिया मीरानपुरा रजि. के समस्त पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अज़ादार उपस्थित रहे।
प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और अकीदतमंदों के अनुशासित सहयोग के चलते पूरे क्षेत्र में दसवीं मोहर्रम का आयोजन पूरी शांति, सौहार्द और धार्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
टांडा में दसवीं मोहर्रम पर उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकला ऐतिहासिक ताज़िया जुलूस,
शाम-ए-ग़रीबा की मजलिस में गूंजा पैग़ाम-ए-कर्बला। डीएम ईशा प्रिया, एसपी प्राची सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी रहे पूरी तरह मुस्तैद।




