अम्बेडकरनगर|ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को गोरखपुर से यात्रा करते हुए जनपद की तहसील टांडा पहुंचे। उनके आगमन पर टांडा नगर के ज़ुबैर तिराहे पर हिंदू सनातनियों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने वाहन के मुख्य द्वार पर खड़े होकर मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा और अभियान का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, गौ संरक्षण तथा गंगा की स्वच्छता को लेकर जनजागरण करना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष महत्व है। इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में ‘गौरक्षा यात्रा’ एवं ‘गो सेवा यात्रा’ के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने गोवंश हत्या पर रोक लगाने और गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा दिलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शंकराचार्य ने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। धर्म, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वे समय-समय पर विभिन्न राज्यों में यात्राएं एवं जनसंपर्क अभियान चलाते रहते हैं।
उनके काफिले में कई वाहन शामिल रहे और पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में उनका काफिला टांडा से रवाना हुआ हालांकि वे अधिक समय तक टांडा में नहीं रूके और उनका काफिला जनपद अम्बेडकरनगर की तरफ रवाना हो गया।




