अम्बेडकरनगर। टाण्डा तहसील परिसर में हुए विवाद के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार निखिलेश कुमार की तहरीर पर टाण्डा कोतवाली में 03 नामजद और 15–20 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को टाण्डा तहसीलदार निखिलेश कुमार के कार्यालय में रिटायर्ड तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा समेत कुछ अन्य लोग एक फाइल के आदेश को लेकर पहुंचे थे।
इसी दौरान बहस ने उग्र रूप ले लिया और मामला गाली-गलौज व धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। आरोप है कि आरोपियों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि तहसीलदार पर हमला करने का प्रयास करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
तहसीलदार ने तहरीर में आरोप लगाया है कि सुभाष वर्मा ग्राम प्रधान जमुनीपुर, अभिमन्यु वर्मा निवासी भसड़ा टाण्डा, राधे वर्मा निवासी चिंतौरा सहित 15–20 अज्ञात लोग जबरन उनके कार्यालय में घुस आए।
और एक फाइल के संबंध में अवैध दबाव बनाया मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए। इसके बाद तहसील गेट पर नारेबाजी कर बल प्रदर्शन किया गया,
जिससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आम लोगों का आवागमन बाधित हो गया। इस घटनाक्रम के चलते तहसील का कार्य पूरी तरह ठप हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार टांडा कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टाण्डा पुलिस ने मुकदमा संख्या 27/26 दर्ज कर लिया है।
बीएनएस की धारा 191(2), 221, 132, 352 व 351(3) के तहत केस पंजीकृत किया गया है। टाण्डा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद तहसील परिसर में तनाव का माहौल रहा, हालांकि पुलिस बल की सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा, अधिकारियों से अभद्रता और दबाव की राजनीति किसी भी हाल में सहन नहीं की जाएगी।



