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नगर पंचायत इल्तेफातगंज में घटिया सामग्री से नाली निर्माण, सरकारी धन की खुली बर्बादी

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पूर्व में प्रकाशित खबर के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी बरकरार

रिपोर्ट – News10plus| अम्बेडकरनगर । जनपद की नगर पंचायत इल्तेफातगंज क्षेत्र के ईश्वर नगर में ठेकेदार धर्म कश्यप द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।निर्माण कार्य में पीली ईंटों सहित घटिया और मानकविहीन सामग्री के उपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।

गौरतलब है कि इस गंभीर मामले को लेकर बीते दिनों समाचार प्रकाशित किया गया था, किंतु आश्चर्यजनक रूप से नगर पंचायत इल्तेफातगंज के जिम्मेदार अधिकारियों अथवा

जनपद स्तर के किसी भी अधिकारी द्वारा अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अधिकारियों की यह उदासीनता ठेकेदारों के हौसले बुलंद कर रही है और मनमानी निर्माण कार्य को खुली छूट मिलती दिखाई दे रही है।

जिस स्थान पर नाली का निर्माण हो रहा है, वहाँ अधिकांश दुकानें स्थित हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि वे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं या विरोध दर्ज कराते हैं, तो कार्य बाधित होने की आशंका है।

इससे दुकानों के सामने खुदाई, गड्ढों और फैली मिट्टी के कारण ग्राहकों का आवागमन प्रभावित हो सकता है। इसी डर के चलते क्षेत्रवासी खुलकर विरोध करने से कतरा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि इसी तरह घटिया निर्माण कार्य जारी रहा, तो यह नाली अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी

नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं, निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक बैठे जिम्मेदार अधिकारी आँख मूँदकर बैठे हैं और पूरे मामले पर रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं।

जबकि प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता पाए जाने पर संबंधित कार्यदाई संस्था का भुगतान रोका जाएगा।

इसके अलावा जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा भी जनपद के सभी विभागों को निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और मानकों के पालन के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जमीनी हकीकत इन निर्देशों के ठीक उलट नजर आ रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबकर रह जाएगा और घटिया निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जनता को उसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगा।

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