रिपोर्ट – News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद – सैय्यद| अंबेडकरनगर|23 जनवरी 2026 जनपद में आज शाम उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस लाइन में एक विशेष ‘ब्लैकआउट’ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

प्रमुख बिंदु: अंधेरे में परखी गई प्रशासनिक मुस्तैदी

PA सिस्टम की भूमिका: संचार व्यवस्था को अटूट रखने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA System) का प्रभावी उपयोग किया गया। इसके माध्यम से अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए गए ताकि सूचना तंत्र बाधित न हो।
तालमेल का परीक्षण: ड्रिल में पुलिस और नागरिक प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और कार्यकुशलता का लाइव टेस्ट लिया गया।
अधिकारियों का संदेश: ‘हम हर चुनौती के लिए सजग‘
जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर:
“यह अभ्यास केवल एक ड्रिल नहीं, बल्कि हमारी मानसिक और प्रशासनिक दृढ़ता का प्रमाण है। ब्लैकआउट जैसी गंभीर स्थिति में संयम और अनुशासन ही सबसे बड़ा हथियार है। आज के सफल अभ्यास से यह सिद्ध हो गया है कि अंबेडकरनगर प्रशासन किसी भी अप्रत्याशित संकट के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।”
पुलिस अधीक्षक, अंबेडकरनगर:
“युद्ध या आपातकाल में पुलिस की भूमिका बदल जाती है। आज हमारे जवानों ने यह साबित किया कि वे बिना रोशनी के भी विषम परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं। भविष्य में ऐसी और ड्रिल की जाएंगी ताकि बल को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।”
जनता के लिए आवश्यक गाइडलाइन प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि आपातकालीन स्थिति में पैनिक न करें और निम्नलिखित निर्देशों का पालन करें:
अफवाहों पर ध्यान न दें: केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।
लाइट कंट्रोल: ब्लैकआउट के दौरान अनावश्यक लाइटों का प्रयोग कतई न करें।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना: आसपास किसी भी संदिग्ध हलचल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष:
आज की इस ड्रिल ने यह साफ कर दिया है कि अंबेडकरनगर पुलिस और प्रशासन केवल शांति काल में ही नहीं, बल्कि युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में भी जनता की सुरक्षा के लिए ‘अलर्ट मोड’ पर है।




