टांडा अम्बेडकर नगर। टांडा के मोहल्ला मीरानपुरा में स्थित राजा मोहम्मद रज़ा मैदान के इमाम चौक से रविवार बीती रात्रि में 9 बजें अंजुमन हुसैनिया और अंजुमन सिपाहे हुसैनी के सदस्यों ने नौहा मातम व अलम के साथ जुलूस बरामद किया।

जुलूस समाप्त होने के उपरांत मुतवल्ली राजा सैय्यद काज़िम रज़ा के नेतृत्व में वहां शामिल हुए जायरीनों को नज़रें मौला में तबर्रुका़त तक़सीम किए गए यहां से एक बार फिर विस्तार से बताते चलू इस्लामिक उर्दू कैलेंडर के

लिए मदीना से कर्बला की ओर रवाना हुए थे। इस मौके पर बताया गया कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने अज़ीज़ो-अक़रबा और कुल 72 जांंनिसार साथियों के साथ अरब के शहर मदीना से कर्बला के लिए चले थे।

कर्बला की उसी धरती पर ज़ालिम यज़ीद की लगभग दो लाख की फ़ौज के सामने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने सिर झुकाने से इंकार कर दिया और हक़, इंसाफ़ और इंसानियत को बचाने के लिए डटकर मुकाबला किया।

आज 1400 साल बीत जाने के बाद भी पूरी दुनिया उन्हें अमर शहीद के रूप में याद करती है और क़यामत तक करती रहेगी, जबकि ज़ालिम यज़ीद का नाम लेने वाला कोई नहीं है।
कर्बला का पैग़ाम आज भी हर ज़माने को यह सिखाता है कि हक़ के लिए कुर्बानी अमर होती है और ज़ुल्म मिट जाता है। कर्बला का पैग़ाम“ज़ुल्म के सामने खामोशी नहीं, हक़ के लिए कुर्बानी ही असली ज़िंदगी है।”



