अम्बेडकर नगर ! टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सलारपुर रजौर में कोटेदार स्वर्गीय संतलाल यादव की मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद राशन कोटा अटैच किए जाने को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
इस पूरे प्रकरण ने खाद्य एवं रसद विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते नज़र आ रहे हैं?… ग्राम सभा सलारपुर रजौर के ग्राम प्रधान ने सप्लाई इंस्पेक्टर पर पैसे लेकर मनमाने ढंग से कोटा स्थानांतरित करने का आरोप लगाया है?…
प्रधान का कहना है कि सलारपुर रजौर का राशन कोटा नजदीकी ग्राम सभा वाजिदपुर में अटैच किया जाना चाहिए था, लेकिन इसे नियमों को ताक पर रखकर नगर पंचायत इल्तिफातगंज के कटरिया वार्ड संख्या–7 में अटैच कर दिया गया,
शजो गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। प्रधान और ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोटा वाजिदपुर में संचालित किया जाता तो सलारपुर रजौर के ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
लेकिन अब उन्हें राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब तबके को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान ने यह भी बताया कि कोटेदार के निधन के बाद नियमानुसार कोटे का चुनाव कराना अनिवार्य होता है,
लेकिन बिना किसी सूचना, प्रस्ताव और ग्राम सभा की सहमति के ही कोटा अटैच कर दिया गया। आरोप है कि इस पूरे मामले में सप्लाई इंस्पेक्टर न तो ग्राम प्रधान से
संवाद कर रहे हैं और न ही उनके फोन कॉल रिसीव कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा फेरबदल विभागीय मिलीभगत के तहत किया गया है।
वहीं स्वर्गीय कोटेदार के पुत्र भी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बिना चुनाव कराए कोटा अपने नाम ट्रांसफर कराने के प्रयास में लगे हुए हैं, जिससे मामला और भी संदिग्ध होता जा रहा है। बहरहाल इस प्रकरण में सम्बंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते दिखाई दिए?…
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की मनमानी के चलते आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है?… और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।




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