रिपोर्ट – एडिटर मोहम्मद राशिद – सैय्यद| अम्बेडकरनगर। विकास खण्ड टाण्डा के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के लिए आयोजित ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और गुणवत्तापरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कपिल देव वर्मा, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी टाण्डा एवं पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अम्बेडकरनगर रहे।
उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया और उपस्थित ग्राम प्रधानों को शासन द्वारा संचालित शिक्षा से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा में निवेश ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
संगोष्ठी का शुभारम्भ थर्मल प्रोजेक्ट के बच्चों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, नृत्य, नाटक, कविता और योग कार्यक्रमों से हुआ। इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों को भावविभोर कर दिया।
खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मनीषा ओझा ने ग्राम प्रधानों एवं सभासदों का स्वागत करते हुए विभागीय योजनाओं के उद्देश्य, विगत तीन वर्षों के शैक्षिक आंकड़ों तथा वर्तमान शैक्षिक प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम प्रधानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीरा तिवारी द्वारा किया गया, जबकि स्वागत गीत शब्बीर अहमद ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में डीबीटी योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग, स्वेटर एवं स्टेशनरी सामग्री हेतु अभिभावकों के आधार-सीडेड बैंक खातों में सीधे भेजी जा रही धनराशि की जानकारी दी गई।
ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे इस राशि के सदुपयोग को सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में 19 मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं की पूर्ति, विद्यालय भवनों का सुदृढ़ीकरण,
बाल-मैत्रिक एवं दिव्यांग-सुलभ संरचनाओं का विकास, मिड-डे-मील शेड, किचन गार्डन, स्वच्छ हैंड वॉशिंग यूनिट तथा बच्चों को सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में पठन-लेखन एवं गणितीय बुनियादी दक्षताओं के विकास हेतु संरचित शिक्षण पद्धति, शिक्षक संदर्शिका, टीएलएम, गणित-विज्ञान किट, ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास,
टैबलेट वितरण, दीक्षा एवं रीड-अलॉन्ग ऐप के माध्यम से डिजिटल शिक्षा तथा विद्या समीक्षा केन्द्र के जरिए डेटा आधारित अनुश्रवण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन समितियों के सशक्त गठन, ग्राम पंचायत विकास योजना में
विद्यालय संबंधी प्रस्तावों को शामिल करने, आउट-ऑफ-स्कूल एवं ड्रॉपआउट बच्चों के चिन्हांकन व पुनः नामांकन, नियमित उपस्थिति, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, सामाजिक भेदभाव की समाप्ति,
बाल विवाह रोकथाम तथा दिव्यांग बच्चों के लिए स्टाइपेंड, विशेष शिक्षक एवं शैक्षिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में ग्राम प्रधानों ने अपने सुझाव साझा किए और शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक
प्रयासों से सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया इस अवसर पर ए.आर.पी., नोडल संकुल शिक्षक, संकुल शिक्षक, प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान सहित बी.आर.सी. का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।



