रिपोर्ट News10plus| अम्बेडकरनगर। विकास खंड टांडा अंतर्गत एनटीपीसी विवेकानंद कॉलोनी के सामने कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे हैं,
इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि नाला (ड्रेन) को सीधा बनाना ही मानक स्टैंडर्ड और इंजीनियरिंग प्रैक्टिस माना जाता है, खासकर जब पर्याप्त जगह उपलब्ध हो।
बिना किसी ठोस कारण के टेढ़ा (ज़िग-ज़ैग) बनाना सही नहीं माना जाता, और नाला जितना सीधा होगा, पानी का बहाव उतना बेहतर रहेगा बार-बार मोड़ होने से सिल्ट (गाद) जमा होती है और भविष्य में जाम होने की संभावना बढ़ती है।
बहरहाल आरोप है कि नाले की खुदाई मानकों के विपरीत ज़िग-ज़ैग (टेढ़े व घुमावदार) तरीके से कराई जा रही है, जबकि वहां पर्याप्त स्थान उपलब्ध बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर यह निर्माण कराया जा रहा है, वह रिहायशी इलाका है। नाले के पीछे लोगों के घर और दुकानों की कतारें है।
ऐसे में यदि नाले का निर्माण इस प्रकार टेढ़ा-मेढ़ा और घुमावदार कर दिया गया, तो आने वाले समय में दुकानदारों और क्षेत्रवासियों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, नाले के निर्माण में मानकों की अनदेखी से पानी के बहाव में बाधा, गंदगी जमा होने और सफाई व्यवस्था में दिक्कत जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, इलाके की सुंदरता और व्यवस्थित स्वरूप भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोग आपस में चर्चा करते हुए अपनी-अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं, और आधिकारिक रूप से आगे आकर इस मुद्दे को उठाने की पहल करने की कोशिश जारी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस निर्माण कार्य की जांच कर सही ढंग से नाला निर्माण नहीं कराया गया, तो भविष्य में यह समस्या स्थायी रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों की जांच कराते हैं या नहीं।




