Welcome to   Click to listen highlighted text! Welcome to

बिना चेतावनी बोर्ड एवं प्रयाप्त लाइट के रात्रि के समय रास्ता बंद कर कराया गया RCC निर्माण कार्य, गुणवत्ता पर सवाल?…

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Share this article

रिपोर्ट News10plus एडिटर| अम्बेडकरनगर। नगर पालिका परिषद टांडा क्षेत्र के मोहल्ला मीरानपुरा, निकट डॉ. समद के पास से हयातगंज और सिकंदराबाद को जोड़ने वाले सकरे मार्ग को ठेकेदार द्वारा RCC (सीमेंटेड) निर्माण का कार्य कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान गली को पूरी तरह बंद कर दिया गया, लेकिन वहां न तो गली के दोनों मुहाने पर किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई, जिससे आसपास के मोहल्ला के लोगों को उक्त मार्ग से आने जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में राहगीरों में नाराजगी देखने को मिली।

उक्त मार्ग से आने जाने लोगों का मानना है ये मार्ग आने जाने के लिए काफी शार्ट कट है और रमज़ान के महीने में आसपास के मोहल्लें के लोगों को इस मार्ग से आने जाने में काफी सहूलत होती है यह मार्ग सीधे हयातगंज और सिकंदराबाद को जोड़ता है जहां मार्ग के मुहाने के दोनों तरफ बिना चेतावनी बोर्ड लगाए  निर्माण कार्य कराया जाना सरा सर गलत है।

एक तो गली काफी संकरी है और ऐसे में निर्माण कार्य कराते समय आधी गली पार करने के बाद सिर्फ एक ड्रम रखकर मार्ग बंद किया गया है, जबकि किसी आवश्यक परिस्थितियों में कार्य करना संभव है, लेकिन इसके लिए निर्धारित मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करना अनिवार्य होता है।

आमतौर पर ऐसे कार्यों के दौरान मार्ग के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड तथा पर्याप्त लाइट या फ्लड लाइट की व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है, ताकि राहगीरों और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार कम रोशनी में RCC ढलाई कराना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे लेवलिंग, फिनिशिंग और गुणवत्ता नियंत्रण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

नियमों के अनुसार यदि किसी गली या मार्ग को रात्रि के समय बंद कर निर्माण कार्य कराया जाता है, तो इसके लिए संबंधित नगर पालिका/नगर पंचायत/नगर निगम से पूर्व स्वीकृति तथा सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक होता है।

राहगीरों का कहना है कि मार्ग के मुहाने पर बिना चेतावनी बोर्ड लगाए हुए कार्य कराया गया। जहां पर ना तो पर्याप्त रोशनी और ना ही सुरक्षा व्यवस्था के रात के समय इस प्रकार मार्ग बंद कर निर्माण कार्य कराया गया है, तो यह नियमों के विरुद्ध माना जा सकता है।

ऐसे मामलों में संबंधित विभाग को जांच करना अति आवश्यक है। साथ ही उक्त मार्ग पर स्थानीय लोगों के द्वारा काफी अतिक्रमण भी किया गया मार्ग पर कबाड़ और वाहन के साथ साथ ठेला खड़ा कर मार्ग को अवरूद्ध किया गया।

साथ ही ठेकेदार ने नाली निर्माण में मानक वीहन कार्य करवा कर इतिश्री कर दिया। जहां पर हुए नाली निर्माण कार्य किसी एग्ल से गुणवत्तापूर्ण नहीं दिखाई दे रहा है, ऐसे में प्रश्न यह है कि जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा कोई निरीक्षण भी नहीं किया गया।

और ना ही ठेकेदार को नगर पालिका परिषद टांडा प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार की चेतावनी दी गई प्राप्त जानकारी सूत्रों के अनुसार आरसीसी ढलाई में किसी प्रकार का विरोध ना हो उसके लिए आसपास के कुछ स्थानीय घरों की महिलाओं और बच्चों को

ठेकेदार द्वारा लालच देकर रात्रि के समय मार्ग को फंटी से बराबर करने का कार्य भी दे दिया गया। बहरहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेकर प्रभावी कार्रवाई करता है। यह तो आने वाला समय बताएगा।

Responsive Picture Carousel
Welcome to   Click to listen highlighted text! Welcome to
Click to listen highlighted text!
Click to listen highlighted text!