रिपोर्ट – News10plus Editor Mohd Rashid – Syed| टांडा अम्बेडकरनगर। आगामी 14 अप्रैल बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मद्देनज़र बुधवार 01 अप्रैल 2026 को टांडा तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी डॉ. शशिशेखर के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का संचालन क्षेत्राधिकारी शुभम कुमार सिंह ने किया। बैठक में नवागंतुक तहसीलदार, ब्लाक बीडीओ, अधिशाषी अभियंता, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी, थाना अलीगंज एसएचओ भूपेंद्र कुमार सिंह,
इब्राहिमपुर थाना अध्यक्ष अशुतोष शर्मा, समस्त थाना प्रभारी, नगर पालिका व नगर पंचायत प्रशासन, लेखपाल, कानूनगो, ग्राम सचिव, वर्तमान एवं पूर्व ग्राम प्रधान, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के नेता तथा संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।
उपजिलाधिकारी डॉ. शशिशेखर ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकलने वाले जुलूस को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल तक किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या विवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि बिना अनुमति नई मूर्ति स्थापना पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यदि कहीं मूर्ति स्थापित करनी हो तो प्रशासन से अनुमति लेकर ही स्थापना की जाए। साथ ही डीजे की आवाज, मूर्ति की ऊंचाई तथा जुलूस से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं को भी नियमानुसार रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पूर्व में हुए विवादित स्थानों को चिन्हित कर उनकी जानकारी एकत्र करने तथा संबंधित समितियों से संवाद कर समय रहते समाधान निकालने पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी विवाद की आशंका हो तो
तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते निस्तारण किया जा सके। उपजिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले एंटी सोशल एलिमेंट्स पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जुलूस के दिन भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन सहित सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
बैठक में मौजूद संभ्रांत नागरिकों से संपर्क स्थापित कर उनके नंबर भी साझा किए गए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन और नागरिक आपसी समन्वय से कार्य कर सकें।
प्रशासन ने सभी से अपील की कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को आपसी सहयोग, भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाएं, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।




