77वें गणतंत्र दिवस पर प्रिंसिपल ने पत्रकार वार्ता में साझा की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
रिपोर्ट – News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद – सैय्यद| अम्बेडकरनगर। जनपद के अकबरपुर–टांडा मार्ग सद्दरपुर में स्थित महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार हो रहा है विस्तार।
कॉलेज में वर्तमान में एमआरआई, सीटी स्कैन, डायलिसिस की दो अत्याधुनिक मशीनें, अल्ट्रासाउंड सहित कई अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह जानकारी 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के नेतृत्व में कॉलेज के समस्त चिकित्सकों के समक्ष कालेज के प्रिंसिपल द्वारा दी गई।
इस दौरान प्रिंसिपल ने बताया कि शासन के सहयोग से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में उनके कार्यकाल के दौरान उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
भविष्य में कैंसर और हृदय रोगों का भी होगा इलाज प्रिंसिपल ने कहा कि आने वाले समय में महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में कैंसर एवं हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज की सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी।
्इसके लिए शासन से आवश्यक संसाधन और सुविधाओं की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं,
जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ इलाज मिल रहा है। आयुष्मान कार्डधारकों को मिल रही निशुल्क चिकित्सा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र राशनकार्ड धारकों को जांच व अन्य चीजों चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इसके साथ ही अन्य पात्र लाभार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इलाज से पहले आभा आईडी से पंजीकरण अनिवार्य प्रिंसिपल ने यह भी स्पष्ट किया कि अब मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आभा आईडी (ABHA ID) से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
नॉन-एंड्रॉयड मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए मेडिकल कॉलेज में फिंगरप्रिंट के माध्यम से आभा आईडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। मरीजों से अपील की गई कि वे मेडिकल कॉलेज आने से पहले आभा आईडी से पंजीकरण अवश्य करा लें,
ताकि इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर एक मजबूत कदम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इन व्यवस्थाओं से न केवल मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि अस्पताल प्रशासन को भी उपचार प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में सुविधा होगी।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज की सेंट्रल पैथोलॉजी लैब, जहाँ रक्त से संबंधित सभी प्रकार की जाँचें की जाती हैं, को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL), नई दिल्ली से जांचें चल रही है,

उन्होंने आगे बताया कि मेडिकल कॉलेज की पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) सीटों में भी वृद्धि की गई है। एमएमसी से कुल 25 नई पीजी सीटों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें प्रमुख रूप से मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स और ईएनटी जैसे विभाग शामिल हैं।
इन विषयों में चयनित विद्यार्थी तीन वर्षों तक संबंधित विभाग में गहन प्रशिक्षण और कार्य करेंगे। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि इन विभागों की चिकित्सा सुविधाएँ भी निश्चित रूप से गुणवत्तापूर्ण रूप से विकसित होंगी।
प्रिंसिपल ने बताया कि तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बैच में एमडी के लगभग 12 उम्मीदवार तैयार होंगे, जिससे आने वाले वर्षों में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मीडिया से संवाद करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे जनता और मीडिया के साथ एक सकारात्मक और पारदर्शी संबंध (बॉन्ड) स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या प्रतिनिधि बिना किसी झिझक के
कभी भी उनसे या कॉलेज के अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। सकारात्मक ही नहीं, बल्कि नकारात्मक फीडबैक भी खुलकर दिया जा सकता है, जिस पर कॉलेज प्रशासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
अंत में उन्होंने मीडिया से अपील की कि मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियों और यहाँ उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें, ताकि ज़रूरतमंद लोगों को समय पर और सही चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके।



