टांडा तहसील का दबदबा: प्रदेश में प्रथम, डीएम ने एसडीएम को दी बधाई! आईजीआरएस में टांडा तहसील का प्रथम स्थान!
एसआईआर में भी टांडा तहसील की स्थिति अच्छी, एसडीएम डॉ. शशिशेखर की सरहाना! प्रदेश में टॉप: टांडा तहसील का आईजीआरएस खिताब, एसडीएम को डीएम का सम्मान!
रिपोर्ट – News10plus एडिटर मोहम्मद राशिद| टांडा अम्बेडकरनगर ! सोमवार (16 फरवरी, 2026): उत्तर प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस और सुशासन के निर्देशों के क्रम में आज जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को डीएम ने टांडा तहसील का औचक निरीक्षण किया।
करीब 02 घंटे से अधिक समय तक चले इस निरीक्षण में उन्होंने कंप्यूटर कक्ष सहित अन्य पटल और भूलेख विभाग,और मालखाने तक की बारीकियों से जांच की।
जर्जर ओवरहेड टैंक पर डीएम ने पीसीएल को शीघ्र निर्माण कराने का दिया निर्देश!
निरीक्षण के दौरान भूलेख विभाग के बगल स्थित ओवरहेड टैंक की बदहाली देख जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। टैंक की स्थिति इतनी जर्जर है कि वह कभी भी गिर सकता है। हालांकि, उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में एसडीएम डॉ. शशिशेखर द्वारा पीसीएल को पहले ही पत्राचार किया जा चुका था,
जिसके बाद भी पीसीएल द्वारा घोर लापरवाही बरती और जर्जर ओवर हेड टैंक का निर्माण नही कराया वही आज निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी ने जर्जर टैंक देखा जिसके बाद डीएम ने मौके से ही पीसीएल को फोन कर लगाई फटकार और तत्काल नए टैंक के निर्माण का कड़ा निर्देश दिया।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने टांडा तहसील की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया और मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि: आईजीआरएस (IGRS) में टांडा तहसील पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, वही जिलाधिकारी ने कहा एसआईआर प्रक्रिया में भी टांडा तहसील का काफी अच्छा वर्क है, साथ उन्होंने कहा कि आईजीआरएस और एसआईआर में पूरे अम्बेडकरनगर जनपद की सभी तहसीलो का अच्छा रिजल्ट हैं,
डीएम ने एसडीएम डॉ. शशिशेखर की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा टांडा तहसील में
पुराने मामलों का निपटारा: 5 वर्ष से अधिक का कोई भी वाद लंबित नहीं है, जो सरकार की मंशा के अनुरूप एक बड़ी उपलब्धि है।
राजस्व वसूली: लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 81% वसूली पूरी की जा चुकी है।
अतिक्रमण पर प्रहार: सरकारी जमीनों और तालाबों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान जारी है। जल्द ही पट्टा आवंटन और नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी।
समस्त विभागों की डीएम ने किया सघन जांच
डीएम ने कंप्यूटर कक्ष, भूलेख, मालखाना, पूर्ति विभाग, राजस्व निरीक्षक/लेखपाल कक्ष, उप मजिस्ट्रेट न्यायालय और तहसीलदार न्यायालय सहित पूरे परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने स्वीकार किया कि तहसील में कर्मचारियों और लेखपालों की कमी है, जिसके लिए नियुक्तियों की प्रक्रिया आवश्यक है।
उपस्थिति: इस अवसर पर एसडीएम डॉ. शशिशेखर, तहसीलदार निखिलेश कुमार, नायब तहसीलदार अमरीश कुमार सिंह और अधिशाषी अधिकारी नीरज कुमार गौतम सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।




